एक ऐतिहासिक फ़ैसले में, जो दशकों पुराने भोजशाला-कमल मौला विवाद को नया रूप दे सकता है, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने धार में स्थित विवादित भोजशाला परिसर को देवी वाग्देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर घोषित कर दिया. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 2003 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत मुसलमानों को इस स्थल पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी गई थी. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए देखें वीडियो.
Dhar Bhojshala Controversy में कोर्ट का फैसला, परिसर को Saraswati देवी का मंदिर बताया
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने धार में स्थित विवादित भोजशाला परिसर को देवी वाग्देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर घोषित कर दिया.
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