इटावा कथावाचक मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है. अब कथावाचकों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई है. मुकुट मणि सिंह यादव और उनके सहयोगी पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं, उन पर ब्राह्मणों के रूप में खुद को पेश करके ब्राह्मण-बहुल गांव में भागवत कथा करने के लिए अपनी जाति की पहचान छिपाने का आरोप है. शिकायत में फर्जी आधार के इस्तेमाल और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है. यह तब हुआ जब वायरल वीडियो में उन्हें अपमानित किया गया: बाल काटे गए, नाक रगड़ी गई. क्या यह जाति-आधारित दुर्व्यवहार या गलत बयानी थी? कथावाचकों के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की गई है? विस्तार से जानने के लिए, अभी पूरा वीडियो देखें.
कथावाचक की जाति पर बवाल क्यों? इटावा पुलिस ने किससे कराई शिकायत?
मुकुट मणि सिंह यादव और उनके सहयोगी पर भागवत कथा करने के लिए अपनी जाति की पहचान छिपाने का आरोप है.
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