क्या ईश्वर का अस्तित्व है? इस मूलभूत प्रश्न ने प्रसिद्ध गीतकार और कवि जावेद अख्तर और इस्लामी विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच तीखी बहस छेड़ दी. चर्चा के दौरान, जावेद अख्तर ने पवित्र ग्रंथों का हवाला देते हुए धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाए और पूछा कि धार्मिक ग्रंथों में डायनासोर का उल्लेख क्यों नहीं है. इस बहस में आस्था, तर्क, विज्ञान, धर्म और तर्कसंगत सोच जैसे विषयों को छुआ गया, जिससे यह विश्वासियों और संशयवादियों दोनों के लिए एक रोचक चर्चा बन गई. ईश्वर के अस्तित्व पर दोनों दृष्टिकोणों और आस्था एवं तर्क के बीच के टकराव को समझने के लिए पूरी चर्चा देखें.
जावेद अख्तर ने 'क्या ईश्वर का अस्तित्व है?' डिबेट के दौरान डायनासोर का ज़िक्र क्यों किया?
'क्या ईश्वर का अस्तित्व है?' विषय पर जावेद अख्तर और मुफ़्ती शामाइल नदवी के बीच तीखी बहस हुई. इसी दौरान जावेद अख्तर ने डायनासोर को लेकर कौन सा तर्क़ दिया?
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