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तौलिये पर ये पट्टी क्यों बनी होती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पोस्ट पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ ने इसका मजाक उड़ाया, तो कुछ ने अपने-अपने सिद्धांत पेश किए. कुछ का कहना था कि यह तौलिये को जल्दी सूखने में मदद करती है. तो कुछ ने मजाकिया लहजे में कहा कि ये स्ट्रिप्स हमें परेशान करने के लिए बनाए गए हैं.

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तौलिये को लेकर सोशल मीडिया पर मचा घमासान. (तस्वीर : सोशल मीडिया/unsplash)

इंसान के जानने और उसके सवाल पूछने की प्रवृति के कारण मानव सभ्यता का विकास हुआ. इसी के जरिए हमने आग और फिर पहिए की खोज की. इसी कड़ी में एक शख्स ने सोशल मीडिया पर तौलिये को लेकर एक सवाल पूछा जिस पर करोड़ो लोग भिड़ गए. बाद में तौलिये बनाने वाली कंपनियों और टेक्सटाइल एक्सपर्ट्स ने सभी की समस्या का निदान किया. आखिर ऐसा क्या पूछ लिया इन सज्जन ने? और उनको क्या उत्तर मिले? जानते हैं.

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वेबसाइट snopes पर छपी खबर के मुताबिक, 13 मार्च 2025 को “Nate” नाम के सोशल मीडिया यूजर ने एक्स पर सवाल पूछा,

" तौलिये के किनारे पर बनी ये पतली धारी (स्ट्रिप्स) आखिर किस काम आती है?"

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सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

लोगों ने इस पोस्ट पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ ने इसका मजाक उड़ाया, तो कुछ ने अपना-अपना ज्ञान दिया. कुछ का कहना था कि यह तौलिये को जल्दी सूखने में मदद करती है. तो कुछ ने मजाकिया लहजे में कहा कि ये स्ट्रिप्स हमें परेशान करने के लिए बनाए गए हैं. कुछ ने इन्हें दो हिस्सों में बांट दिया, और खुलासा किया कि एक हिस्से से मुंह पोंछना है और दूसरे हिस्से से शरीर के बाकी हिस्सों को.

कुछ ने मामले को संजीदा तरीके से लिया, उन्होंने AI और अपनी जानकारी के आधार पर इसे "डॉबी बॉर्डर" या “डॉबी वीव” बताया और कहा दावा किया कि यह तौलिये के किनारों को फटने से बचाती है.

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

टेक्सटाइल एक्सपर्ट्स और तौलिया बनाने वाली कंपनियों ने यूजर्स की इन सभी थ्योरीज को सही बताया. तौलिया मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी Towel Hub ने 11 मार्च 2025 के अपने ब्लॉग में बताया कि तौलिये में बने डॉबी बॉर्डर उसे पॉलिश्ड लुक देते हैं साथ ही ये उसे फंक्शनल भी बनाते हैं. साथ ही ये तौलिये को पकड़ने में आसान बनाते हैं और नमी को पूरे तौलिये में समान रूप से फैलाते हैं, इससे तौलिये जल्दी सूखते हैं.

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क्या ये डिजाइन और ब्रांडिंग के काम भी आता है?

फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की टेक्सटाइल एक्सपर्ट व्हिटनी क्रचफील्ड ने ‘snopes’ को ईमेल के जरिए बताया, कि ‘डॉबी लूम’ नाम के करघे पर बुने जाने के कारण इसे "डॉबी वीव" नाम दिया जाता है. इसके अलावा इस पट्टी का उपयोग डिजाइन और ब्रांडिंग के लिए एक "कैनवास" देता है, क्योंकि तौलिये का बाकी हिस्सा डिटेल्स को छिपा सकता है.

इन्हीं विशेषताओं के कारण होटल, जिम या स्पा जैसी जगहों पर इन तौलियों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. जहां तौलिये को भारी-भरकम मशीनों और तेज डिटर्जेंट से धोया जाता है.

कितने तरह के बॉर्डर होते हैं?

Direct Textile Store की 2018 की एक ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, तौलिये में दो तरह की बुनी हुई पट्टियां होती हैं. डॉबी बॉर्डर और कैम बॉर्डर. डॉबी बॉर्डर में डिजाइन या पैटर्न होते हैं. वहीं कैम बॉर्डर में कम डिजाइन, सिर्फ एक सीधी लाइन होती है और इसमें कोई खास पैटर्न भी नहीं होते. इन दोनों तरह की पट्टियाँ का उपयोग तौलिये की मजबूती बढ़ाने और उसके उपयोग को आसान बनाने के लिए किया जाता है.

बाकी खबर लिखे जाने तक “Nate” की पोस्ट को 92 मिलियन (करीब 9 करोड़ 20 लाख) से ज्यादा लोगों ने देखा. तमाम सिद्धातों के सामने आने के बाद उन्होंने खुद मजाकिया लहजे में लिखा,

“मुझे पूरा यकीन है कि यह पट्टी सिर्फ इसलिए होती है, ताकि तौलिया सिकुड़ जाए और उसे अच्छे से मोड़ना मुश्किल हो जाए, जिससे लोग नया तौलिया खरीदें.”

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लोगों की प्रतिक्रिया

उनके इस कॉमेंट को भी एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा. बाकी इस खबर पर आप अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं.

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