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कौन हैं IAS स्मिता सभरवाल, जो एक तस्वीर पोस्ट करने के बाद विवादों में हैं?

Smita Sabharwal ने साल 2000 में 22 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की. ऑल इंडिया लेवल पर चौथी रैंक पाई.

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तस्वीर AI जनरेटेड थी. जिसमें दो हिरण और एक मोर भी नजर आ रहा था. (फोटो- X)

स्मिता सभरवाल. तेलंगाना काडर की साल 2001 बैच की IAS अधिकारी. अपनी तेज तर्रार छवि और जनता से जुड़ाव के लिए चर्चित ये अधिकारी अब सवालों के घेरे हैं. स्मिता ने हाल में एक AI जनरेटेड फोटो शेयर की थी. इसमें कांचा गाचीबोवली में 400 एकड़ जमीन पर बुलडोजर चलते हुए दिखाया गया था. इसे भ्रामक और उत्तेजक कॉन्टेंट मानते हुए साइबराबाद पुलिस ने उन्हें एक नोटिस जारी किया है, और जवाब मांगा है.

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AI फोटो शेयर करने के बाद चर्चा में आईं इस IAS अधिकारी के बारे में आपको जानकारी देंगे, लेकिन पहले X पर शेयर किए गए पोस्ट के बारे में बताते हैं.

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31 मार्च, 2025 को स्मिता ने X पर एक पोस्ट रीपोस्ट किया. इसमें हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास कांचा गाचीबोवली में 400 एकड़ जमीन पर बुलडोजर चलते हुए दिखाया गया था. लेकिन ये तस्वीर AI जनरेटेड थी. यानी असली नहीं थी. इसमें दो हिरण और एक मोर भी नजर आ रहा था. ये फोटो ‘हाय हैदराबाद’ नामक हैंडल से शेयर की गई थी और इसमें पर्यावरण विनाश का दावा किया गया था. इसी को लेकर IAS स्मिता की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है.

कौन हैं स्मिता सभरवाल?
स्मित आंध्र प्रदेश काडर की 2001 बैच की IAS अधिकारी हैं. उनका जन्म 19 जून, 1977 को पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के एक बंगाली परिवार में हुआ. स्मिता उनका पहला नाम स्मिता दास है. उनके पिता कर्नल प्रणब दास भारतीय सेना में अधिकारी थे. मां का नाम पूरबी दास है.

स्मिता सभरवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सिकंदराबाद के सेंट एन्स हाई स्कूल से पूरी की. जहां उन्होंने ICSE परीक्षा में नेशनल लेवल पर टॉप किया. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद के सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर विमेन से कॉमर्स की डिग्री हासिल की. ​​22 साल की उम्र में साल 2000 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की. ऑल इंडिया लेवल पर चौथी रैंक पाई.

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में वो तेलंगाना के यूथ एडवांसमेंट, टूरिज्म और कल्चर विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं. इस पद पर स्मिता 11 नवंबर 2024 से कार्यरत हैं. उनकी पहली स्वतंत्र पोस्टिंग चित्तूर के मदनपल्ले में सब-कलेक्टर के रूप में हुई थी. जहां उन्होंने भूमि राजस्व प्रबंधन और जिला प्रशासन में अनुभव प्राप्त किया. बाद में उन्होंने कडप्पा में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में ग्रामीण विकास क्षेत्र में भी काम किया.

"फंड योर सिटी" पहल
वारंगल की नगर निगम आयुक्त के रूप में स्मिता ने "फंड योर सिटी" पहल की शुरुआत की. इससे PPP के माध्यम से यातायात जंक्शन, बस स्टॉप, फुट-ओवरब्रिज और पार्क जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचों का विकास किया गया. इसके बाद उन्होंने विशाखापत्तनम में कमर्शियल टैक्स के लिए डिप्टी कमिश्नर के रूप में कार्य किया.

ये घटना स्मिता के करियर में पहला बड़ा विवाद नहीं है. इससे पहले बीआरएस सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव रहते हुए उनकी ताकतवर छवि चर्चा में थी. कांग्रेस सरकार आने पर उन्हें हटाकर पहले वित्त आयोग और फिर टूरिज्म विभाग में भेजा गया. स्मिता ने तेलंगाना टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई अभियान चलाए हैं.

वीडियो: 400 एकड़ में फैले Kancha Gachibowli जंगल की कटाई पर Supreme Court की रोक

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