The Lallantop

कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दिपके को कितना जानते हैं?

इंस्टाग्राम पर 16 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स वाली ये पार्टी बनाई है अभिजीत दिपके ने. शुरुआती रुझानों के अनुसार, दिपके की इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का मकसद चुनाव जीतना तो नहीं था, बल्कि इंटरनेट पर छा जाना था और यही हुआ भी.

Advertisement
post-main-image
कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दिपके (दाएं). (फोटो- India Today)

भारत जैसे दुनिया के बड़े लोकतंत्र में राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए क्या चाहिए? नाम, काम, मुद्दा, जनाधार? नहीं, आपके पास सिर्फ सोशल मीडिया हो तब भी ये काम हो सकता है. आप आलसी हों, तब भी एक पार्टी के मेंबर बन सकते हैं. बेरोजगार होना तो किसी दल का सदस्य होने की प्राथमिक शर्त होती ही है. ऐसी ही एक पार्टी मार्केट में आई है, जिसने अपनी सदस्यता देने के लिए यही सब ‘आलसियों वाली’ शर्तें रखी हैं. नाम है कॉकरोच जनता पार्टी. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

लेकिन ये देश की 6 राष्ट्रीय, 60 प्रदेश स्तर की और 2049 अन्य रजिस्टर्ड पार्टियों में से एक नहीं है. कम से कम अभी तक तो नहीं है. फिर भी सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स के मामले में इसने दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी को पीछे छोड़ दिया है.

किसने बनाई कॉकरोच पार्टी?

ऐसे में हर किसी की नजरें उस व्यक्ति की ओर जाती हैं, जिसने ये पार्टी बनाई है. कौन है, जिसके दिमाग से ये विचार पहली बार उपजा? जिसने CJI सूर्यकांत के एक विवादित बयान को आधार बनाकर पार्टी बनाई तो उसके समर्थकों की संख्या जंगल में आग की तरह फैल गई.

Advertisement

चलिए हम बताते हैं कि सोशल मीडिया का ये ‘कॉकरोच’ कौन है, जिसने देश की मौजूदा सियासत में आधी कॉमेडी और आधी सियासत की ऐसी तस्वीर बनाई है कि लोग उम्मीद से भर गए हैं. नेता सशंकित हो गए हैं. वोटर भी कुछ-कुछ रोचकता की आशा लिए सोशल मीडिया पर इस ‘आभासी’ पार्टी की गतिविधियों की ओर ताक रहे हैं.

दरअसल, इंस्टाग्राम पर 16 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स वाली ये पार्टी बनाई है अभिजीत दिपके ने. शुरुआती रुझानों के अनुसार, दिपके की इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का मकसद चुनाव जीतना तो नहीं था, बल्कि इंटरनेट पर छा जाना था और यही हुआ भी. सिर्फ तीन दिनों में उनकी इस कॉकरोच जनता पार्टी से 1 लाख से ज्यादा लोग जुड़ गए. पार्टी की वेबसाइट बनी. पार्टी एंथम आया. पांच बिंदुओं वाला घोषणापत्र भी तैयार हो गया. इतना ही नहीं. महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, अखिलेश यादव और प्रशांत भूषण जैसे बड़े नेताओं ने भी इसका समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए. 

ऐसे में सवाल उठता है कि ये दिपके कौन हैं? क्या उनका कोई राजनैतिक बैकग्राउंड है? क्या वो पहले भी किसी पार्टी से जुड़े हैं? क्या करते हैं? उनकी पार्टी को इतना बड़ा ‘सोशल जन समर्थन’ कैसे मिल गया? 

Advertisement
कौन हैं अभिजीत दिपके?

तो सबसे पहले जानिए कि अभिजीत दिपके मीडिया के स्टूडेंट रहे हैं. महाराष्ट्र के औरंगाबाद यानी छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं. उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए. उन्होंने बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स की पढ़ाई की. साल 2023 में वह अपने शहर औरंगाबाद वापस लौट आए. 

30 साल के अभिजीत पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके देश की राजनीतिक राय को प्रभावित करना उनका काम है. 

रिपोर्ट्स बताती हैं कि अभिजीत दिपके ने 2020 से 2022 के बीच अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के लिए काम किया है. यह पार्टी भी जनांदोलन के सपोर्ट से तीन बार दिल्ली की सत्ता पर बैठी. दिपके इसी AAP के सोशल मीडिया और चुनावी अभियान टीम से जुड़े थे. उन्होंने AAP के आईटी सेल के प्रमुख अंकित लाल के अंडर काम किया था. इस दौरान वह पार्टी के लिए मीम कॉन्टेंट, तंज वाले वीडियो और ऑनलाइन कैंपेन बनाते थे. 

अरविंद केजरीवाल को जनता के बीच ‘अपना बंदा’ के रूप में पेश करने के पीछे दिपके का भी हाथ बताया जाता है. सिर्फ सोशल मीडिया नहीं, दिपके आम आदमी पार्टी की अगुआई वाली दिल्ली सरकार का भी अहम हिस्सा रहे. उन्होंने अक्टूबर 2019 से अप्रैल 2021 तक दिल्ली मुख्यमंत्री दफ्तर में कम्युनिकेशन फेलो के रूप में काम किया. इसके बाद जून 2021 से मई 2024 तक वह दिल्ली शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशन एडवाइजर रहे. 

CJI के बयान को बना दिया आंदोलन

राजनीति में अब तक परदे के पीछे काम करने वाले दिपके के जीवन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, तब 15 मई को CJI सूर्यकांत का एक विवादित बयान सोशल मीडिया में जेरे-बहस हो गया. एक वकील ने वरिष्ठता का दर्जा पाने के लिए CJI सूर्यकांत की कोर्ट में अर्जी लगाई थी. इसी की सुनवाई करते हुए CJI ने कह दिया कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और पेशे में उनकी कोई जगह नहीं होती, इसलिए वे एक्टिविस्ट, मीडिया या सोशल मीडिया बनकर सिस्टम पर अटैक करते रहते हैं.

हालांकि बाद में CJI ने सफाई देते हुए कहा कि मीडिया ने उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया. उनकी बात देश के युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए थी जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत के पेशे में आते हैं.

लेकिन अब बात बहुत आगे निकल चुकी थी. लोगों ने सीजेआई के बयान का वीडियो डालना शुरू कर दिया, ये कहते हुए कि उनके कॉकरोच स्टेटमेंट को गलत नहीं समझा गया है. इसी बीच अभिजीत दिपके ने इस पूरे गुस्से को एक ऑनलाइन ‘व्यंग्यात्मक’ राजनीतिक अभियान में बदल दिया. इसके जरिए उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक घोटालों, राजनीति से मोहभंग और सिस्टम की ओर से लोगों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर लोगों की नाराजगी और हताशा को आवाज देने की कोशिश की.  

वीडियो: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक का पुराना पोस्ट वायरल, AAP से क्या कनेक्शन?

Advertisement