नवरात्रि आने में अभी महीने भर का समय बचा हुआ है. हर साल की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल में इसको लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं. लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे बयान और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिन पर विवाद हो रहा है. एक तरफ राज्य सरकार के एक विज्ञापन पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. तो वहीं हाल ही में दुर्गा पंडालों को लेकर दिए धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भी काफी चर्चा हो रही है. एक-एक करके दोनों मामले आपको बताते हैं.
इंडिया टुडे से जुड़े अनिर्बन सिन्हा रॉय की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 सितंबर को पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के कई अखबारों में देवी दुर्गा की तस्वीर के साथ एक विज्ञापन छपवाया है. इसमें देवी को 10 की जगह 11 भुजाओं के साथ दिखाया गया है. इसी के बाद से विज्ञापन को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया. विपक्षी पार्टियां CPM और TMC ने BJP पर ‘हिंदू धर्म के प्रतीकों का मज़ाक उड़ाने’ का आरोप लगाया है.
'11 भुजाओं वाली मां दुर्गा' पर बवाल, BJP को TMC ने ऐसा घेरा, माफी मांगने लगे CM शुभेंदु
7 सितंबर को पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के कई अखबारों में देवी दुर्गा का एक विज्ञापन छपवाया है. इसमें देवी दुर्गा को पारंपरिक 10 की जगह 11 भुजाओं के साथ दिखाया गया है. अब इसको लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है.

दरअसल, हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, देवी दुर्गा की 10 भुजाएं होती हैं. इस वजह से ही उन्हें दशभुजा रूप में पूजा जाता है. लेकिन, 7 सितंबर को पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से जो विज्ञापन दिया गया है, उसमें देवी दुर्गा को 11 भुजाओं के साथ दिखाया गया है. ये विज्ञापन 2026 की दुर्गा पूजा को लेकर पूजा समितियों के साथ होने वाली बैठक के लिए जारी किया गया था. बैठक ‘मिलन मेला’ में होनी है, जिसमें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.
टीएमसी ने किया कटाक्षबीजेपी सरकार के विज्ञापन में देवी दुर्गा की एक भुजा और हथियार ज्यादा है, जो पुराणों में चित्रित उनके रूप से मेल नहीं खाता. राजनीतिक दलों ने इस चित्रण के पीछे बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाए हैं. तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने इसे लेकर कटाक्ष किया है. X पर उन्होंने अखबार में छपे विज्ञापन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,
'माननीय मुख्यमंत्री जी, सरकारी विज्ञापन में मां दुर्गा को दशभुजा की जगह एकादशभुजा यानी 11 भुजाओं वाली दिखाया गया है. धर्मग्रंथों के अनुसार, एक हाथ कम होना चाहिए. मैं हर दिन अलग-अलग आचार संहिता की बातें सुनता हूं. ऐसे में अगर 2026 में मां की भुजाओं की संख्या बढ़ गई तो मामला और उलझ जाएगा."
TMC के आधिकारिक हैंडल से इसको लेकर किए गए पोस्ट में इसे ‘अपमानजनक’ बताया गया. TMC ने सवाल उठाया कि
क्या मां दुर्गा को 11 भुजाओं के साथ दिखाना सही है?
पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
अब बंगाल बीजेपी के हिसाब से मां दुर्गा की 11 भुजाएं हैं? बीजेपी नेताओं से लेकर मुख्यमंत्री तक मां दुर्गा और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को बार-बार गलत तरीके से पेश करना बेहद अपमानजनक है.
पार्टी ने आगे लिखा,
दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि बंगाल के लोगों की भावनाओं और पहचान का हिस्सा है. लाखों बंगालियों के लिए मां दुर्गा का घर आना बेहद पवित्र है. लेकिन बंगाल की बात करने वाली सरकार ही बंगाली संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों से दूर होती जा रही है.
पार्टी ने कहा,
बीजेपी बंगाली संस्कृति से इतनी अनजान क्यों है कि मुख्यमंत्री की निगरानी में सरकार को मां दुर्गा के स्वरूप को गलत तरीके से दिखाना और उसका मजाक बनाना सही लग रहा है? अब बहुत हो गया.
CPM नेता शतरूप घोष ने भी इस विज्ञापन को लेकर बीजेपी पर तंज कसा. उन्होंने लिखा, ‘सरकार का यह शानदार विज्ञापन है! इसमें मां दुर्गा की 11 भुजाएं दिखाई गई हैं. असुर का वध करने के लिए देवताओं ने दुर्गा को 10 हाथों में हथियार दिए थे. लेकिन बीजेपी सरकार ने देवी को एक अतिरिक्त हाथ भी दे दिया.’
हालांकि, बवाल बढ़ता देख पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस पर सफाई दी. उनका कहना है कि ‘अब मां दुर्गा और ज्यादा शक्तिशाली हो गई हैं.’ उन्होंने आगे कहा,
मैंने अभी तक वो विज्ञापन नहीं देखा है. हालांकि ये एजेंसी की तरफ से हुई गड़बड़ी है. राजनीतिक नहीं है. इसका सुधार कर लिया जाएगा.
वहीं, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गलत विज्ञापन के लिए माफी मांगी है और कहा कि इसे बनाने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई है. कोलकाता के मिलन मेला मैदान में दुर्गा पूजा से जुड़ी बैठक में बोलते हुए अधिकारी ने कहा,
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवादसबसे पहले मुख्यमंत्री के रूप में मैं सुबह प्रकाशित गलत विज्ञापन के लिए सभी से माफी मांगता हूं. विज्ञापन बनाने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई है. राज्य सरकार अब से सतर्क रहेगी.
इससे पहले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा पंडालों के पीछे नॉन-वेज खाना बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी. शनिवार, 5 सितंबर को हावड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बंगाल की ये बात उन्हें बहुत बुरी लगती है और उससे उनके दिल को ठेस पहुंचती है. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब नवरात्र आता है और दुर्गा पूजा के लिए पंडाल लगाए जाते हैं तो कई जगह पंडाल के पीछे या तख्त के नीचे नॉन-वेज और दूसरे तरह के भोजन पकाए जाते हैं.
उन्होंने कहा कि ये उन्हें यह पसंद नहीं है. ऐसा करने वाले लोगों को वो धार्मिक नहीं पाखंडी मानते हैं. उन्होंने इस बार के नवरात्र में ऐसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील भी की. उनके इस बयान पर काफी चर्चा हो रही है.
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