बीजेपी ने नंदीग्राम उपचुनाव जीत लिया है. नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की वही विधानसभा सीट है जिस पर ममता बनर्जी की उम्मीदवार ने चुनाव से ठीक पहले पर्चा वापस ले लिया था. कांग्रेस के उम्मीदवार को बहुत पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया गया था. शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद ये सीट खाली हुई थी. बीजेपी ने रिकॉर्ड अंतर से नंदीग्राम में कांग्रेस नेता मिलन प्रधान को हराया है.
बीजेपी नंदीग्राम उपचुनाव तो जीती ही, 70% मुस्लिम बहुल रेजीनगर भी फतेह कर लिया
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की है. नंदीग्राम में बीजेपी की हसीरानी रथ ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को 1.22 लाख से ज्यादा वोटों से हराया, जबकि रेजीनगर में शंखारभ सरकार ने हुमायूं कबीर के गढ़ में जीत हासिल कर सबको चौंका दिया.

नंदीग्राम का उपचुनाव इस बार काफी बवाली रहा. चुनाव से ऐन पहले ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया. पार्टी में बगावत और विभाजन के बाद बदले चुनाव चिह्न के फेर में फंसी टीएमसी ने इसके बाद यहां से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा. ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान कर दिया. इसके कुछ ही घंटे बाद मिलन एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिए गए.
रेजीनगर ने चौंकाया6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में हुए उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए गए. दोनों ही सीटों पर बीजेपी को जीत मिली है. नंदीग्राम तो शुभेंदु अधिकारी की ही सीट थी, लेकिन रेजीनगर में बीजेपी की जीत ने सबको चौंका दिया. 70 फीसदी मुस्लिम आबादी वाली ये सीट पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर का गढ़ मानी जाती है. वही हुमायूं कबीर जिन्होंने अपने इलाके में बाबरी मस्जिद की रेप्लिका बनाने का ऐलान करके सनसनी फैला दी थी.
2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर दो सीटों नउदा और रेजीनगर से लड़े थे. दोनों जगहों से जीते. बाद में रेजीनगर सीट छोड़ दी. इसके बाद यहां उपचुनाव हुए तो सीट उनके हाथ से निकल गई. यहां सबको चौंकाते हुए बीजेपी के कैंडिडेट शंखारभ सरकार ने 75 हजार वोटों से जीत हासिल की. हुमायूं कबीर से पहले रेजीनगर सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी. यहां से इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफी थे.
काफी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल करके असली मतदाताओं को वोटिंग से रोका गया. बीजेपी वर्कर्स और उपद्रवियों ने जमकर बूथों में धांधली की. हुमायूं कबीर तो इस नतीजे से ऐसा हिल गए कि देश छोड़ने तक की बात कह दी. उन्होंने कहा कि महीनों से पुलिस उन पर अत्याचार कर रही है. वोटिंग वाले दिन उन्हें 12 घंटे तक हिरासत में रखा गया. कबीर ने कहा,
कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने मुझे धोखा दिया है. इसीलिए मैं देश छोड़ना चाहता हूं. मैं थक गया हूं.
ये भी पढ़ेंः 'दिल्ली पुलिस को खुली छूट नहीं दे सकते', SC ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की जांच की मांग वाली याचिका खारिज की
नंदीग्राम का संग्रामये तो हुई रेजीनगर की बात. लेकिन उपचुनाव में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र नंदीग्राम था. ऐसी सीट जिससे खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव लड़ा था. जहां से पूर्व सीएम ममता बनर्जी भी लड़ चुकी हैं. इस सीट पर बीजेपी की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने 1 लाख 64 हजार 427 वोट हासिल किए. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1 लाख 22 हजार 753 वोटों के अंतर से हराया. प्रधान को सिर्फ 41 हजार 674 वोट मिले. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार शांति गोपाल गिरि सिर्फ 5779 वोट पा सके.
नतीजे आने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम की जीत ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है. उन्होंने मतदाताओं को रिकॉर्ड तोड़ जनादेश देने के लिए धन्यवाद दिया. वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि धमकियों और धांधली की वजह से बीजेपी जीती है. मिलन प्रधान को 18 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. वो चुनाव प्रचार भी नहीं कर पाए. चुनाव प्रचार खत्म होने से कुछ ही दिन पहले उन्हें रिहा भी कर दिया गया.
वीडियो: CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने मस्जिद से क्या ऐलान कर दिया?









