पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आ गए हैं. राज्य में मार्च-अप्रैल में चुनाव कराए जा सकते हैं. वहीं चुनाव आयोग फरवरी अंत तक तारीखों की घोषणा कर सकता है. इस बीच इंडिया टुडे-सी वोटर ने मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे में बंगाल के मतदाताओं का मूड समझने की कोशिश की है. जानना चाहा कि अगर बंगाल में आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो कौन जीतेगा.
आज चुनाव हुए तो भाजपा को बंगाल में कितनी सीटें मिलेंगी, हालिया सर्वे में लोग किसे जिता रहे?
West Bengal 2026 Election MOTN Survey: इंडिया टुडे-सी वोटर ने मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे में जानने की कोशिश की गई है कि अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो बंगाल में कौन जीतेगा. TMC या BJP?


हालांकि लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में बहुत फर्क होता है और जनता का मिजाज भी दोनों चुनावों में अलग रहता है. लेकिन इससे जनता के रुझान का अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है कि उनका झुकाव किस तरफ है. हालांकि कई बार लोकसभा के चुनावों में जनता का जो मूड रहता है, विधानसभा में भी वही बरकरार रहता है.
क्या कहता है जनता का मिजाज?बंगाल में इंडिया टुडे-सी वोटर ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि आज अगर लोकसभा चुनाव होते हैं तो जनता किसे चुनेगी.
सबसे पहले बात करते हैं लोकसभा चुनाव 2024 में बंगाल में क्या नतीजा रहा था. 2024 में TMC ने पश्चिम बंगाल की 42 में से 29 सीटें जीती थीं. यह उसके लिए 2019 के प्रदर्शन से भी बेहतर रिजल्ट था. वहीं भाजपा 2024 में 12 सीटें जीतकर राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. अब बात करते हैं ताजा हालात की. इंडिया टुडे-सी वोटर मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे के अनुसार, अगर आज पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव होते हैं, तो तृणमूल कांग्रेस 2024 के अपने प्रदर्शन को दोहरा सकती है. यानी 2024 में जीती हुई लगभग सभी सीटों पर अपना कब्जा बनाए रख सकती है.
BJP को मामूली बढ़तसर्वे के मुताबिक अगर अभी बंगाल में आम चुनाव होता है तो TMC को केवल 1 सीट का नुकसान हो सकता है. वह 29 से घटकर 28 सीटों पर आ सकती है. वहीं भाजपा मामूली बढ़त पाकर 14 सीटों पर पहुंच सकती है. हालांकि, जब अगस्त में यही MOTN सर्वे किया गया था, तब भाजपा को 11 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था. यानी बीते महीनों में भाजपा कुछ हद तक अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने में सफल दिखती है.
वहीं बीते महीनों में TMC ने कुछ आधार गंवाया जरूर है. अगस्त में जब यही सर्वे किया गया था तो उसके 31 सीट पाने का अनुमान लगाया गया था. यानी इन कुछ महीनों में उसे लगभग 3 सीट का नुकसान होता दिख रहा है. गौर करने वाली बात यह भी है कि जनवरी के MOTN सर्वे में भाजपा का वोट शेयर भी बढ़ता दिख रहा है. जो अगस्त के सर्वे में 39 फीसदी था, वह अब बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यानी कुछ ही महीनों में 3 फीसदी की उछाल.
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हालांकि फिर से स्पष्ट कर दें कि यह एक केवल सर्वे है और इसमें अनुमान भर लगाया गया है. हो सकता है कि जमीनी सच्चाई इससे अलग हो. लेकिन अगर इसी सर्वे को जनता का मिजाज मानें तो यह बताता है कि भाजपा फिलहाल तो पश्चिम बंगाल में कोई खास असर डालती नहीं दिख रही है. TMC अभी भी यहां सबसे मजबूत पार्टी बनी हुई है और ममता बनर्जी पर जनता का विश्वास बरकरार है.
हालांकि विधानसभा चुनाव होने में अभी दो महीने से ज्यादा का समय है और उसमें जनता के मुद्दे भी अलग हैं. इसलिए देखने वाली बात होगी कि उसमें जनता किसके पक्ष में फैसला सुनाती है. क्या ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपना किला बचाने में कामयाब रहेगी. या फिर भाजपा ममता के किले में सेंधमारी कर पहली बार बंगाल फतह कर जीत का झंडा फहराएगी? जवाब के लिए बस चंद महीनों का इंतजार.
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