अल्बानिया में दुनिया का पहला AI मंत्री बनाया गया था. दावा था कि इसे भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लाया गया है. और अब उसी AI को बनाने वाली एजेंसी के दो बड़े अफसरों पर रिश्वतखोरी का आरोप लगा है. मतलब जिसने सिस्टम डिजाइन किया, उसी ने इसमें ग्लिच ला दी है.
सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनी AI मंत्री, अब पता लगा उसे बनाने वाले ही रिश्वत ले रहे
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या AI को प्रोग्राम करके कुछ एविडेंस छिपाया जा सकता है? क्या Diella खुद भ्रष्टाचार छिपाने में इस्तेमाल हो रही है?


दरअसल, 2025 में अल्बानिया के पीएम एदी रामा ने एक वर्चुअल अवतार लॉन्च किया था. नाम था डिएला (Diella). ट्रेडिशनल अल्बेनियन ड्रेस में सजी ये AI वाली 'मंत्री जी' को दुनिया का पहला AI मिनिस्टर कहा गया. काम? सरकारी कामों में ट्रांसपेरेंसी लाना.
पहले लोग डॉक्यूमेंट बनवाने, अपॉइंटमेंट लेने के लिए अफसरों को चाय-पानी देते थे. माने रिश्वत देनी पड़ती थी. अब डिएला ऑनलाइन सब कुछ हैंडल करने लगी. बिना किसी इंसान के बीच में आए. कोई रिश्वत, कोई सिफारिश नहीं.
इसके पीछे पीएम रामा की एक स्ट्रैटजी भी थी. उन्होंने इसे EU मेंबरशिप के लिए बड़ा शो-ऑफ बनाया, क्योंकि 2030 तक EU जॉइन करना है और देश में भ्रष्टाचार बड़ा इश्यू है. सितंबर 2025 में पार्लियामेंट सेशन में डिएला वीडियो पर आई और बोली,
"मैं इंसान नहीं हूं, इसलिए मेरी कोई पर्सनल महत्वाकांक्षा या स्वार्थ नहीं. मेरे पास सिर्फ डेटा, नॉलेज और अल्गोरिदम हैं, जो नागरिकों की सेवा के लिए हैं."
ये सुनकर लगा कि अब तो भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिट जाएगा. लेकिन जनवरी 2026 में बम फूटा. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डिएला को बनाने वाली नेशनल इंफॉर्मेशन एजेंसी पर जांच बैठी. जांच के बाद एजेंसी के डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर को स्पेशल एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर ने हाउस अरेस्ट कर दिया. आरोप? सरकारी ठेकों (टेंडर्स) में धांधली, धमकी देकर सेटिंग, रिश्वत लेना और क्रिमिनल ग्रुप से कनेक्शन. हालांकि, दोनों अधिकारियों पर औपचारिक रूप से अभी किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है.
देश का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑनलाइन सर्विसेज, सब नेशनल इंफॉर्मेशन एजेंसी के हाथ में है. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या AI को प्रोग्राम करके कुछ एविडेंस छिपाया जा सकता है? क्या डिएला खुद भ्रष्टाचार छिपाने में इस्तेमाल हो रही है? और इन सब के बीच पीएम रामा चुप हैं, बोले हैं जांच पूरी होने तक कुछ नहीं बोलेंगे. रामा ने कहा,
"हमें मामले में जांच का इंतजार करना होगा."
रामा ने भ्रष्टाचार रोकने वाली एजेंसी के काम की तारीफ तो की, लेकिन सवाल भी खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में हुई जांचों की वजह से अल्बानिया में प्री-ट्रायल डिटेंशन रेट काफी बढ़ गए हैं. रामा ने कहा,
"हमें इस संस्था को हर तरह से सपोर्ट करना चाहिए. लेकिन साथ ही ये भी ध्यान रखना होगा कि ये संस्था न सिर्फ स्वतंत्र तरीके से काम कर रही है, बल्कि पेशेवर और सही ढंग से भी काम कर रही है."
इन सब के बीच पीएम रामा का पिछले साल अक्टूबर में दिया एक बयान भी चर्चा में है. बर्लिन में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था,
"डिएला प्रेग्नेंट है, और उसके 83 बच्चे हैं!"
मतलब 83 AI असिस्टेंट्स, जो रूलिंग पार्टी के 83 MPs की मदद करेंगे. पार्लियामेंट में डिस्कशन रिकॉर्ड करेंगे, अगर कोई MP चाय पीने निकल गया तो बता देंगे कि क्या हुआ और किसको काउंटर अटैक करना है.
अल्बानिया में पहले से ही भ्रष्टाचार काफी है. EU रिपोर्ट्स कहती हैं कि हाई लेवल पर पॉलिटिशियन, अफसर सब फंसे हैं. डिप्टी PM बेलिंडा बालुकू पर भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में फंड मिसयूज का जांच चल रही है. ऑपोजिशन चिल्ला रही है, इम्युनिटी हटाओ. पिछले महीने प्रोटेस्ट हुए, पेट्रोल बम तक फेंके गए, सरकार के इस्तीफे की मांग की.
लेकिन इन सब के बीच डिएला अभी भी काम कर रही है. नागरिकों की मदद, ठेकों की जांच का चालू है. लेकिन ये स्कैंडल दिखा रहा है कि AI कितना भी स्मार्ट हो, अगर इंसान गलत हैं तो सिस्टम भी फेल हो जाता है.
AI मंत्री चाहे जितना भी ठान ले कि वो भ्रष्टाचार नहीं करने देगी. पर उसके क्रिएटर्स अगर रिश्वतखोरी पर उतर आए, तो क्या होगा. कुल मिलाकर, ये स्टोरी है आईरनी की, पॉलिटिक्स की और AI के सपनों की. अल्बानिया EU बनने का सपना देख रहा है, लेकिन रास्ते में ऐसे ट्विस्ट आ रहे हैं कि लगता है सूरज (डिएला) निकला तो था, पर बादल छा गए हैं!
वीडियो: तारीख़: कैसे एक स्कीम में फंसे पैसों की वजह से अल्बानिया की जनता सड़क पर उतर आई?











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