The Lallantop

अब्दुल्ला के परिवार की मौत बनी रहस्य, तरबूज वाली थ्योरी पर क्या कह रही पुलिस?

मुंबई के पायधुनी इलाके में डोकाडिया फैमिली के चार सदस्यों की मौत का कारण 10 दिन बाद भी नहीं पता चल पाया है. पहले तरबूज खाने से मौत की थ्योरी चली, लेकिन अब इसको खारिज किया जा चुका है. फिलहाल इस मामले में पुलिस के हाथ खाली है. वो बाकी सभी एंगल्स से मामले की जांच में जुटी है.

Advertisement
post-main-image
मुंबई में एक परिवार की चार लोगों की मौत मामले में तरबूज वाली थ्योरी खारिज हो चुकी है. (इंडिया टुडे)

मुंबई के एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. शुरुआत में इसे तरबूज खाने से जोड़ा गया. लेकिन अब मामला उलझता जा रहा है, क्योंकि तरबूज वाली थ्योरी खारिज की जा चुकी है. और दूसरा कोई ठोस कारण अब तक मिला नहीं है. अब पुलिस आर्थिक समस्या से लेकर स्वास्थ्य और कानूनी पचड़ों तक तमाम एंगल से मामले की जांच में जुटी है. लेकिन अब तक हाथ खाली हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के पायुधनी इलाके में रहने वाले अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और बेटियां आयशा और जैनब की रहस्यमय मौत हो गई. मौत से एक रात पहले डोकाडिया परिवार ने पांच रिश्तेदारों की मेजबानी की थी. मेहमानों के साथ ही उन लोगों ने खाना खाया. फिर उनके जाने के बाद रात को करीब 1.30 बजे चारों लोगों ने तरबूज खाया. इसके अगले 12 घंटे में चारों की मौत हो गई, जिससे कई सवाल खड़े हुए.

रात का खाना मौत का कारण नहीं माना जा रहा, क्योंकि उनसे मिलने आए किसी भी रिश्तेदार ने स्वास्थ्य संबंधी किसी तरह की समस्या की शिकायत नहीं की है. पुलिस की एकमात्र उम्मीद अब फॉरेंसिक जांच पर टिकी है. इसमें किसी ऐसे केमिकल की पहचान करना है, जिससे उनकी मौत हुई हो. वे इस रहस्य को सुलझाने के लिए आत्महत्या सहित कई एंगल से जांच कर रहे हैं.

Advertisement

क्या कोई आर्थिक दिक्कत कारण है?

पुलिस का कहना है कि ऐसे कई मामले हुए हैं जिनमें तनाव के चलते परिवार के मुखिया ने दूसरे सदस्यों की हत्या की और फिर आत्महत्या कर ली. लेकिन इस मामले में पुलिस को पता चला है कि परिवार किसी तरह की आर्थिक परेशानी में नहीं था. अब्दुल्ला की अंधेरी में मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान थी और परिवार को किराए पर दी गई जगह से भी किराया आता था.

क्या परिवार में किसी को कोई गंभीर बीमारी थी?

Advertisement

पुलिस को पता चला है कि अब्दुल्ला को किडनी की बीमारी थी, जबकि नसरीन थायरॉइड से पीड़ित थी. लेकिन इसमें से कोई भी ऐसी गंभीर बीमारी नहीं थी, जिसके चलते उन्हें इस तरह का एक्सट्रीम कदम उठाना पड़े. अब्दुल्ला के भाई बहन भी उसी इलाके में रहते हैं. उनमें से किसी ने भी पुलिस को परिवार में किसी तरह के समस्या के बारे में नहीं बताया है.

कानूनी पचड़ों का भी लोड नहीं था

पुलिस की जांच में पता चला कि अब्दुल्ला डीएन नगर पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड एक केस में गवाह था. ये पति-पत्नी के बीच का विवाद था,जिसमें पत्नी ने पति के खिलाफ FIR कराई थी. इसमें अब्दुल्ला की भूमिका पत्नी से कुछ पैसे लेकर पति को देने भर की था. मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने बताया, “अब्दुल्ला इस मामले में इतना जरूरी गवाह नहीं था कि जिसके चलते उसके पूरे परिवार को कोई खत्म कर दे.”

बेटी की डायरी में भी कुछ नहीं मिला

पुलिस की जांच के मुताबिक, अब्दुल्ला की दोनों बेटियां पढ़ाई में अच्छी थीं. एक बेटी डायरी लिखती थी. 25 अप्रैल को उसने आखिरी बार डायरी लिखी थी. इसमें लिखा था कि उसने घर पर एक्सरसाइज की. डायरी में किसी तरह की पारिवारिक समस्या का जिक्र नहीं था. पुलिस ने अब्दुल्ला और बड़ी बेटी आयशा के बयान भी लिए थे. आयशा ने भी मरने से पहले किसी समस्या का जिक्र नहीं किया था. उसने बस इतना बताया कि उन्होंने देर रात तरबूज खाया था.

वीडियो: मुंबई में तरबूज से नहीं हुई परिवार की मौत, FDA की रिपोर्ट में क्या पता चला?

Advertisement