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स्मार्ट मीटर से परेशान, कट जाती है बिजली? अब से बदल गया बिल जमा करने का नियम

CM Yogi on postpaid meter: यूपी सरकार के नए नियमों के मुताबिक, हर महीने की पहली तारीख से आखिरी तारीख तक बिजली की खपत का हिसाब तैयार किया जाएगा. इसके बाद हर उपभोक्ता को 10 तारीख तक उसका बिल भेज दिया जाएगा. यह बिल MMS और WhatsApp के जरिए सीधे मोबाइल पर मिलेगा. बिल जमा करने को लेकर सरकार ने बड़ी राहत भी दी है.

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योगी सरकार ने प्रीपेड मीटर वाले नियम को पलट दिया है. (फोटो-इंडिया टुडे)

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा ऐलान किया है. प्रीपेड स्मार्ट मीटर की वजह से लोगों को परेशानियां आ रही थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए पुराने नियम पर लौटने की बात की गई है. सरकार ने बताया कि प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड की तरह ही काम करेगा और बिल भरने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा. पुराने बकाया बिल पर भी नए नियम लाए गए हैं. 

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X पर पोस्ट करते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने नए नियमों के बारे में बताया. उन्होंने लिखा,

‘शक्ति भवन में हुई एक मीटिंग के दौरान तय किया गया कि लोगों को प्रीपेड मीटर से दिक्कत आ रही है. प्रीपेड मीटर एक अच्छा विकल्प है, लेकिन फिलहाल इसपर रोक लगाई जा रही है.’

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नए नियमों के मुताबिक, हर महीने की पहली तारीख से आखिरी तारीख तक बिजली की खपत का हिसाब तैयार किया जाएगा. इसके बाद हर उपभोक्ता को 10 तारीख तक उसका बिल भेज दिया जाएगा. यह बिल MMS और WhatsApp के जरिए सीधे मोबाइल पर मिलेगा. इस भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा. यानी बिजली का बिल भरने के लिए जल्दबाज़ी नहीं की जाएगी. 

मंत्री ने और क्या जानकारी दी?

उन्होंने ये भी बताया कि विभाग को निर्देश दिया गया है कि जिस महीने बिल जनरेट होगा, उस महीने बिजली नहीं काटी जाएगी. चूंकि बिल फोन नंबर पर आएगा, इसलिए फोन नंबर अपडेट कराना ज़रूरी है. किसी कारणवश अगर बिल न आए चैटबॉट के ज़रिए अपना बिल निकलवा सकते हैं. सरकार ने पुराने बकाया बिल को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. अब 30 अप्रैल तक का जो भी बकाया बिल है, उसे उपभोक्ता 10 किश्तों में जमा कर सकता है. इसका मतलब है कि जिन लोगों पर ज्यादा बकाया है, उन्हें एक साथ पूरा पैसा जमा करने की जरूरत नहीं होगी. वे आराम से किश्तों में भुगतान कर सकेंगे. 

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प्रीपेड मीटर से क्या दिक्कत थी?

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता शिकायत कर रहे थे कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बैलेंस ख़त्म होते ही बिजली कट जाती थी. जिससे अचानक परेशानी खड़ी हो जाती थी. कुछ लोगों को तकनीकी दिक्कतें भी आ रही थीं. सरकार ने इन्हीं दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए नियम बदले हैं. प्रीपेड मीटर लगाते समय सिक्योरिटी मनी लोगों को वापस कर दी गई थी. लेकिन पोस्टपेड मीटर के लिए ये सिक्योरिटी अमाउंट फिर से लिया जाएगा. हालांकि, इसे एक बार में जमा नहीं करना है. ये अमाउंट चार किश्तों में जमा कर सकते हैं. सरकार ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की भी सुविधा दी है, ताकि लोगों का कंफ्यूशन दूर हो सके. 

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