उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को भारतीय वायुसेना ने रेस्क्यू कर लिया है. करीब 16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहने के बाद हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा गया. इस रेस्क्यू ऑपरेशन को वायुसेना ने 15 मिनट के अंदर पूरा कर लिया. उसी हेलीकॉप्टर से दोनों बच्चों को गोरखपुर ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ.
रील बनाने के लिए टंकी पर चढ़े बच्चे, एक की मौत, दो को एयरफोर्स ने हेलीकॉप्टर से बचाया
Siddharth Nagar में पांच बच्चे करीब 100 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ रहे थे. इनमें से दो बच्चे ऊपर पहुंच गए थे, जबकि तीन बच्चे ऊपर पहुंचने ही वाले थे. तभी बीच में सीढ़ी अचानक टूट गई और भर-भराकर नीचे लटक गई. इससे तीन बच्चे नीचे गिर पड़े, जबकि दो बच्चे ऊपर ही फंस गए. अब भारतीय वायुसेना ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया है.


घटना सिद्धार्थनगर के सदर थाना क्षेत्र में कांशीराम आवास कॉलोनी के पास बनी जर्जर पानी की टंकी की है. आजतक से जुड़े अनिल तिवारी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार, 2 मई की दोपहर पांच बच्चे करीब 100 फीट ऊंची टंकी पर रील बनाने के लिए चढ़ रहे थे. इनमें से दो बच्चे ऊपर पहुंच गए थे, जबकि तीन बच्चे ऊपर पहुंचने ही वाले थे. तभी बीच में सीढ़ी अचानक टूट गई और भर-भराकर नीचे लटक गई. इससे तीन बच्चे नीचे गिर पड़े, जबकि दो बच्चे ऊपर ही फंस गए.

तेज आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत प्रशासन को सूचना दी. घटना की जानकारी मिलते ही डीएम, एडीएम, एसडीएम, एएसपी समेत भारी संख्या में पुलिस बल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया.
नीचे गिरे तीन बच्चों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 14 साल के सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. वहीं गोलू (13) और सनी (11) का इलाज चल रहा है. दो बच्चे करीब 16 घंटे तक टंकी के ऊपर फंसे रहे. रात भर दोनों बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश चलती रही. रविवार, 3 मई की सुबह भारतीय वायु सेना के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर की मदद से दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया.
हेलीकॉप्टर से किया गया रेस्क्यूभारतीय वायु सेना (IAF) ने X पर पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी. IAF ने कहा कि राज्य सरकार के अनुरोध पर गोरखपुर से हेलीकॉप्टर भेजा गया था. एक बयान में कहा गया,
"सेंट्रल एयर कमांड (CAC) के IAF Mi 17 V5 को दो फंसे हुए बच्चों को बचाने के लिए तैनात किया गया था. ये बच्चे उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में एक पानी की टंकी के ऊपर फंस गए थे. यह रेस्क्यू ऑपरेशन एक बार फिर जरूरत के समय तेजी से जान बचाने के लिए भारतीय वायुसेना के प्रोफेशनलिज्म और कमिटमेंट को दिखाता है."
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रिपोर्ट के मुताबिक, यह पानी की टंकी कई सालों से बंद पड़ी थी और इसकी हालत काफी जर्जर हो चुकी थी. इसी वजह से इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था. स्थानीय सभासद सतीश रस्तोगी ने बताया कि यह ओवरहेड टैंक बहुत पुराना था और करीब 27-28 साल पहले ही इसे गिराने का आदेश हो चुका था. उन्होंने कहा कि बच्चे खेलने और घूमने के लिए ऊपर चढ़ गए थे. अगर उन्हें टंकी की हालत का पता होता, तो शायद यह हादसा नहीं होता.
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