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बंगाल में हिंसा के बाद पलायन, मुर्शिदाबाद में 500 से ज्यादा लोगों ने घर छोड़ा

Murshidabad में Waqf Act के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें तीन मौतें हो गईं. 500 से ज्यादा लोगों का पलायन करके Malda पहुंच गए हैं. स्थानीय लोग उनकी मदद कर रहे हैं. इस बीच हिंसा को रोकने के लिए BSF ने भी बड़ा फैसला किया है.

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मुर्शिदाबाद से शरण लेने मालदा पहुंचे लोग. (India Today)
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अनुपम मिश्रा

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिंसा फैल गई. अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सैकड़ों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है. अब तक 500 से ज्यादा ग्रामीण मुर्शिदाबाद जिले के धूलियान से पलायन कर मालदा जिला पहुंच चुके हैं. ये लोग पारलालपुर हाई स्कूल में शरण लिए हुए हैं. पलायन करने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं.

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इंडिया टुडे से जुड़े अनुपम मिश्रा की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों का कहना है कि वो जान बचाकर नावों से नदी पार की और मालदा पहुंचे. इन शरणार्थियों में तीन दिन के नवजात से लेकर बुजुर्ग महिलाएं तक शामिल हैं. स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की है. उन्होंने शरणार्थियों को ना केवल ठिकाना दिया बल्कि खाने-पीने का भी इंतजाम किया. लोकल डॉक्टर्स भी चेकअप के लिए आ रहे हैं.

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धूलियान से भागे इन ग्रामीणों का आरोप है कि उनके घरों में आग लगा दी गई, लूटपाट की गई और पानी की टंकियों में जहर तक डाल दिया गया. शरणार्थियों ने बताया कि हमारे पास ना तो घर बचा और ना ही राशन, इसलिए जान बचाने के लिए भागना पड़ा. इन लोगों ने बताया कि हिंसा फैलाने वालों में ज्यादातर 15 से 17 साल के लड़के शामिल हैं.

मुर्शिदाबाद के हालात इतने भयावह हो गए कि लोग लगातार पलायन कर रहे हैं. पारलालपुर हाई स्कूल की क्लास में अस्थायी शिविर बनाए गए हैं. स्थानीय लोग और डॉक्टर इन शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं.

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BSF की तैनाती बढ़ी

वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन में फैली हिंसा को देखते हुए हालात नियंत्रण में रखने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने मुर्शिदाबाद में अपनी तैनाती बढ़ा दी है.

BSF के DIG और PRO (साउथ बंगाल फ्रंटियर) नीलोत्पल कुमार पांडे ने कहा,

मुर्शिदाबाद में अभी हम लोगों ने अपनी तैनाती बढ़ाकर 9 कंपनियां कर दी हैं. तैनाती बढ़ाई है यानी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हम सभी लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो. इसलिए 9 कंपनियों की हमारी तैनाती है. पुलिस के साथ पूरे सहयोग और कॉर्डिनेशन के साथ हम काम कर रहे हैं. जहां कहीं भी डिस्ट्रेस कॉल और मदद की जरूरत होती है, वहां पर हम अविलंब पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस ने निलोत्पल कुमार पांडे के हवाले से बताया कि कल से चार कंपनियां तैनात की गई हैं. आज स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए 5 कंपनियां अलग से तैनात की गई हैं.

वीडियो: Waqf Act के लागू होने के बाद पहला जुमा, कहां-कहां हुआ विरोध प्रदर्शन?

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