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युवराज मेहता मोबाइल टॉर्च चमकाते रहे, किसी ने मदद नहीं की, वीडियो में सब कुछ साफ दिखा

Noida Techie Death: युवराज अंधेरे में टॉर्च फ्लैश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन आसपास के लोग या रेस्क्यू टीम इसे नजरअंदाज कर देते हैं. कोहरा इतना घना था कि दूर से कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था.

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रात के समय युवराज गुरुग्राम अपनी कार से घर लौट रहे थे, जब उनकी कार अनजाने में क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल तोड़कर गड्ढे में जा गिरी. (फोटो- इंडिया टुडे)

उत्तर प्रदेश के नोएडा में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला अभी भी चर्चा में बना हुआ है. इंजीनियर की कार घने कोहरे के बीच पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गई थी, जिसमें डूबने से उनकी मौत हो गई. हादसे से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है. जिसमें युवराज को अपने मोबाइल फोन की टॉर्च चमकाते हुए देखा जा सकता है.

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ये हादसा नोएडा के सेक्टर 150 के पास उनके अपार्टमेंट के नजदीक हुआ. वहां एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए करीब 80 फीट गहरे गड्ढे में उनकी कार गिर गई. बताया गया कि घना कोहरा होने के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी और गड्ढे के आसपास कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी.

रात के समय युवराज गुरुग्राम अपनी कार से घर लौट रहे थे, जब उनकी कार अनजाने में क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल तोड़कर गड्ढे में जा गिरी. कार पानी में डूबने लगी, तो युवराज कार की छत पर चढ़ गए. उन्होंने लगभग दो घंटे तक मोबाइल की टॉर्च जलाकर SOS सिग्नल दिए और मदद के लिए चिल्लाते रहे.

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सीसीटीवी फुटेज में ये दृश्य कैद हो गया है. युवराज अंधेरे में टॉर्च फ्लैश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन आसपास के लोग या रेस्क्यू टीम इसे नजरअंदाज कर देते हैं. कोहरा इतना घना था कि दूर से कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था.

परिवार के अनुसार, युवराज तैरना नहीं जानते थे. उन्होंने पिता को फोन किया और मदद मांगी. पिता ने बताया,

"अगर एक्सपर्ट डाइवर्स समय पर जाते, तो शायद मेरा बेटा बच जाता. वो वहां मदद के लिए रोता रहा."

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इस हादसे में लापरवाही के आरोप बिल्डर्स पर लगे हैं. गड्ढा सालों से ऐसे ही पड़ा था. कोई बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम नहीं थे. पहले भी इसी जगह पर एक ट्रक हादसा हो चुका था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस ने पहले पांच बिल्डर्स के खिलाफ केस दर्ज किया, जिसमें विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को जेल भेजा गया.

बाद में लोटस ग्रीन से जुड़े दो और बिल्डर्स रवि बंसल और सचिन कर्नवाल को गिरफ्तार किया गया. उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है. जिसके प्रमुख एडीजी भानु भास्कर हैं. SIT ने घटनास्थल का दौरा किया, नोएडा अथॉरिटी अधिकारियों से बैठक की और 5 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. प्रदूषण कानूनों के तहत भी नई FIR दर्ज की गई है.

वीडियो: नोएडा में इंजीनियर के मौत के 90 घंटे बाद निकाली गई कार

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