वाराणसी शहर में मीट-मछली की दुकानें अब नहीं मिलेंगी? खबर तो ऐसी ही आ रही है. इंडिया टुडे से जुड़े रोशन जायसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी नगर निगम की साधारण सभा की मीटिंग से ये आदेश जारी किया गया है. बताया गया कि नगर निगम ने शहर को सलीके से और साफ-स्वच्छ रखने के लिए ये फैसला लिया गया है. इसके बाद अब मीट-मांस और मछली की दुकानें शहर की सीमा से बाहर ट्रांसफर कर दी जाएंगी.
वाराणसी में अब शहर के अंदर नहीं बिकेगा मीट-मछली, नगर निगम का प्लान क्या है?
वाराणसी नगर निगम ने तय किया है कि वाराणसी शहर से मीट-मछली की दुकानों को बाहरी इलाकों में शिफ्ट किया जाएगा. पार्षद गुलशन अली ने नगर निगम की मीटिंग में ये मामला उठाते हुए मांग की थी कि इस योजना पर अमल किया जाए.

रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में मैदागिन के टाउनहॉल में शनिवार, 6 जून को ये मीटिंग हुई थी. इसमें मीट-मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई. नगर कमिश्नर हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस स्कीम के पहले चरण में मीट-मांस की दुकानों के लिए 5 जगहों का चयन किया गया है. ये जगह शहर की बाहरी सीमाओं के पास हैं. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वाराणसी शहर के भीतर चलने वाली मीट-मछली की दुकानों को रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर इलाकों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
पार्षद गुलशन अली ने सदन में ये मामला उठाया था. उन्होंने कहा कि एक साल पहले मीट-मछली की दुकानों को शहर के बाहर शिफ्ट करने का प्रस्ताव लाया गया था लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं हो पाया. उन्होंने कारोबारियों की तकलीफ के बारे में बताते हुए कहा कि सावन के महीने में जब मीट-मछली की दुकानें बंद करने का आदेश आ जाता है तो मीट कारोबारियों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित होता है. इसके समाधान के तौर पर ही मांस की दुकानों को शहर की सीमा के बाहर शिफ्ट करने की बात कही गई.
इस पर कमिश्नर ने जवाब देते हुए कहा कि शहर के बाहर जगहें चुन ली गई हैं. जल्दी ही योजना को जमीन पर उतारने का काम शुरू किया जाएगा. मेयर ने भी आश्वस्त किया कि 6 महीनों में ये दुकानें शहर से बाहर हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि शहर में लाखों टूरिस्ट आते हैं. उन्हें ध्यान में रखते हुए ये दुकानें शहर से बाहर होनी ही चाहिए.
इस योजना के लागू होने के बाद शहर में रहने वाले मीट-मछली के शौकीनों को खरीददारी के लिए दूर जाना पड़ सकता है.
वीडियो: राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘US Visa’ को क्यों याद किया?











