राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को ‘सम्मान’ दिलाने की बात कहकर सरकार संशोधित कानून लेकर आई है. इस पर शशि थरूर ने कुछ सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इसका उल्टा असर हो सकता है. कांग्रेस के नेता थरूर ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट लिखी है. इसमें कहा है कि लोगों का स्वभाव ऐसा है कि हो सकता है कि लोग वंदे मातरम और राष्ट्रगान गाए जाने तक पूरे समयखड़े न रह सकें. ऐसे में सम्मान बनाने के लिए जो कानून लाया गया है, वह मकसद पूरा न हो पाए. थरूर ने सवाल किया कि क्या इंसानों के अंदर सब्र और सम्मान को कानून बनाकर लागू किया जा सकता है?
वंदे मातरम पूरा गाने वाले कानून पर शशि थरूर ने सरकार से पूछा, '6 मिनट तक लोग खड़े रहेंगे?'
वंदे मातरम को सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य करने वाले संशोधित कानून पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस कानून को लागू करने में कुछ प्रैक्टिकल समस्याएं आ सकती हैं. उन्होंने कहा कि 6 मिनट तक लोग कैसे खड़े होंगे?

थरूर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम संशोधन’ को मंजूरी दे दी है. इसे संसद में बिना किसी चर्चा के पास किया गया था. ये कानून किसी भी सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत और अंत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन गाना जरूरी बनाता है. थरूर ने कहा कि वह राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का बहुत सम्मान करते हैं. राष्ट्रगीत के पहले दो छंद और पूरा राष्ट्रगान वो गा सकते हैं. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के बाकी के जो 4 छंद भी गाने के लिए अनिवार्य किए गए हैं, उसकी कभी जरूरत नहीं थी.
‘प्रैक्टिकल’ बात पर दिलाया ध्यानकांग्रेस नेता ने एक व्यवहारिक बात पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि ये संशोधित कानून लाने के दौरान उत्साही लोगों ने मानवीय स्वभाक को नदरअंदाज कर दिया है. उन्होंने कहा,
'जन गण मन' गाने में 52 सेकंड लगते हैं. इस दौरान एक उचित समय तक सम्मानपूर्वक खड़े रहकर ध्यान केंद्रित करना होता है. लेकिन पूरे राष्ट्रगीत को गाने में 3 मिनट और 10 सेकंड का समय लगता है. तमिलनाडु सरकार ने अभी फैसला किया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाने से पहले 2 मिनट का तमिल राज्यगीत भी गाया जाएगा. क्या हम वाकई उम्मीद करते हैं कि लोग हर कार्यक्रम के शुरू और खत्म होने पर 6-6 मिनट यानी कुल 12 एक्स्ट्रा मिनट तक शांति से पूरे सम्मान के साथ खड़े रहेंगे?
उन्होंने आगे पूछा कि क्या सम्मान देने और इंसानी धैर्य को कानून बनाकर लागू किया जा सकता है? थरूर के मुताबिक, डर ये है कि बिल का जो मकसद राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान बढ़ाना है, वह पूरा नहीं होगा. यह भी हो सकता है इसका उल्टा ही असर हो सकता है.
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बता दें कि राष्ट्रगान गाने से जानबूझकर रोकने या गाने में बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान होता है. दूसरी बार या बार-बार यह अपराध करने पर कम से कम 1 साल की सजा होती है. नए संशोधन के जरिए ये सभी नियम 'वंदे मातरम' पर भी लागू कर दिए गए हैं.
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