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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में बैज उतारने वाले पुलिसकर्मी शेर सिंह को नौकरी से निकाला गया

'ये भगत सिंह की धरती है. क्रांति बमों या पिस्तौलों से नहीं आती. विचारों से आती है. विचार कभी नहीं मरते.' ये सब कहने के बाद उन्होंने अपना पुलिस बैज उतारकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को पकड़ा दिया था और कॉन्स्टेबल पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया था.

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शेर सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया. (फोटो- X)

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  • उत्तराखंड पुलिस सेवा में तैनात कांस्टेबल शेर सिंह को अनुशासन में उल्लंघन के आरोप में पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ द्वारा बर्खास्त कर दिया गया।
  • शेर सिंह ने जेन-जी आंदोलन के दौरान भाषण दिया और इस्तीफा दिया था, इससे पहले वे अनुपस्थित रहने के कारण 28 जून से निलंबित थे।
  • बर्खास्तगी के बाद पुलिस विभाग ने कहा कि सेवा आचरण मानकों के उल्लंघन पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सिपाही शेर सिंह को उत्तराखंड पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. पिथौरागढ़ के पुलिस सुपरिटेंडेंट ने ये कार्रवाई की है. शेर सिंह ‘जेन-जी आंदोलन’ के दौरान जंतर-मंतर पर भाषण और सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर चर्चा में आए थे. 

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20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प के बाद शेर सिंह ने अपने भाषण में कहा था कि ‘हम इन गुंडों (पुलिस प्रशासन) से निपटेंगे.’ आगे ये भी कहा कि ‘ये भगत सिंह की धरती है. यहां क्रांति बमों या पिस्तौलों से नहीं आती. विचारों से आती है. विचार कभी नहीं मरते.’ ये सब कहने के बाद उन्होंने अपना पुलिस बैज उतारकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को पकड़ा दिया था और कॉन्स्टेबल पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया था. 

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि शेर सिंह को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है. यानी इस्तीफा देने से पहले ही वो निलंबित थे. उत्तराखंड की पुलिस महानिदेशक निवेदिता कुकरेती ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि पिथौरागढ़ में तैनात कांस्टेबल शेर सिंह को 28 जून से अनुपस्थित रहने के कारण 20 जुलाई को ही निलंबित कर दिया गया था. उनसे अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसका जवाब न देने पर कार्रवाई की गई थी. 

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हालांकि, शेर सिंह ने बाद में पुलिस अफसर के बयान का खंडन करते हुए कहा था कि उन्होंने इस्तीफा पहले ही दे दिया था लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था.

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इंडिया टुडे से जुड़े अंकित शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, अब शेर सिंह को उत्तराखंड पुलिस ने सर्विस से बर्खास्त कर दिया है. उन पर गंभीर अनुचित व्यवहार का आरोप लगा था. विभागीय जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ ने ये कार्रवाई की है. इस कार्रवाई पर उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सेवा आचरण के मानकों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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