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उत्तराखंड ग्लेशियर हादसे में 4 मजदूरों की मौत, 5 की खोज जारी

Chamoli Glacier Tragedy: मजदूर इलाके में सड़क बनाने का काम कर रहे थे. ग्लेशियर टूटने के कारण ये लोग बर्फ में फंस गए.

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पांच मजदूर अब भी फंसे हुए हैं. (तस्वीर: PTI)
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अंकित शर्मा

उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन (Chamoli Avalanche) के कारण 55 मजदूर बर्फ में फंस गए थे. इनमें से 50 को निकाल लिया गया. हालांकि, रेस्क्यू किए गए मजदूरों में से चार की मौत हो गई है. पांच मजदूरों को निकालने का प्रयास अब भी जारी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया है कि बचाव अभियान में 200 से अधिक लोगों को लगाया गया है. 

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Mana में हुआ क्या?

28 फरवरी की सुबह करीब 6:30 बजे माणा इलाके में तेजी से बर्फ खिसकने लगी थी. माणा क्षेत्र, बद्रीनाथ धाम से करीब 3 किलोमीटर दूर है. मजदूर इस इलाके में सड़क से बर्फ हटाने का काम कर रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान ग्लेशियर खिसका और मजदूर उसका शिकार हो गए. सड़क निर्माण में लगे लोग, वहीं पास में टेंपररी कैंप बनाकर रह रहे थे. बचाव अभियान शुरू किया गया, तो खराब मौसम के कारण काफी दिक्कतें आईं. 

CM धामी ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण कुछ इलाकों में बिजली और इंटरनेट की भी दिक्कत है. CM ने कहा,

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आज (1 मार्च) सुबह कई लोगों को बचाया गया और अब बचाए गए लोगों की कुल संख्या 50 हो गई है. पांच लोग अभी भी नहीं मिले हैं और उन्हें खोजने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं... भारी बर्फबारी के कारण चीजें मुश्किल हो गई हैं. लगातार बर्फबारी के कारण इलाके के पांच से अधिक ब्लॉकों में बिजली और इंटरनेट नहीं है. हम जल्द से जल्द क्षेत्र में कनेक्टिविटी बहाल करेंगे. बचाव अभियान के लिए 200 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है. 23 से अधिक लोगों को इलाज के लिए जोशीमठ ले जाया गया है. कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश ठीक हैं. प्रधानमंत्री ने बचाव अभियान की जानकारी ली है. उन्होंने सभी जरूरी मदद का आश्वासन दिया है. राज्य भर में ऊंचाई पर काम करने वाले सभी लोगों को अलर्ट पर रखा गया है. बहुत जरूरी न होने पर ऊंचाई पर काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं. बर्फबारी के कारण अलकनंदा में पानी का प्रवाह लगभग रुक गया है.

इस बीच मुख्यमंत्री धामी कुछ प्रभावित जगहों पर पहुंचे थे. और कुछ जगहों पर चल रहे बचाव कार्य का हेलिकॉप्टर से जायजा लिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,

चमोली जिले में माणा के पास हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया. मौके पर जारी राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया. इस दौरान सुरक्षित बाहर निकाले गए मजदूरों का हाल जाना. साथ ही बचाव कार्य में जुटे सैन्य अधिकारियों एवं प्रशासनिक टीमों से विस्तार से जानकारी ली. आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. प्रभावित मजदूरों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन, सेना और SDRF की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं.

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इससे पहले, एक मार्च की सुबह चमोली पुलिस ने उन लोगों की सूची जारी की थी, जो इस हादसे में फंस गए थे. इस सूची में सभी 55 मजदूरों के नाम और उनके एड्रेस लिखे गए हैं. हालांकि, इसमें स्पष्ट रूप से ये नहीं बताया गया है कि किन मजदूरों को निकाल लिया गया है? ये भी नहीं बताया गया है कि किन मजदूरों की मृत्यु हुई है.

Chamoli Tragedy List of Victims
मजदूरों की सूची.

ये मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर राज्यों से हैं.

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