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यूपी: व्यापारी के 13 साल के बेटे का अपहरण कर हत्या की, पुलिस मुठभेड़ में एक किडनैपर की मौत

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक नाबालिग बच्चे को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई. आरोपियों ने 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. मुठभेड़ में एक आरोपी की मौत हो गई और दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया.

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चित्रकूट में आयुष के मौत के बाद इकठ्ठा हुए लोग.

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िले में 22 जनवरी को एक व्यापारी के नाबालिग बेटे के अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान अशोक केसरवानी के 13 साल के बेटे आयुष केसरवानी के तौर पर हुई है. आरोपियों ने आयुष के परिवार से 40 लाख रुपये फिरौती की मांग की थी. पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी मारा गया और दूसरा गिरफ्तार कर लिया गया है. 

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आजतक से जुड़े संतोष बंसल की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी आयुष को पहले से जानते थे. आरोपियों की मांग पूरी न होने पर उन्होंने आयुष की हत्या कर दी. जिसके बाद उसके शव को एक बक्से में बंद कर सड़क किनारे फेंक दिया. 

23 जनवरी की सुबह जब आयुष का शव बरामद हुआ तो लोगों में आक्रोश फ़ैल गया. आयुष के घर के बाहर भारी तादाद में लोग इकठ्ठा हुए और नारे लगाने लगे. पुलिस अधीक्षक सत्यपाल सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को काबू करने का काम किया. 

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चित्रकूट के एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया,

बीती रात 9 बजे खबर मिली कि बरगढ़ कस्बे में अशोक केसरवानी के बेटे को अगवा कर लिया गया है. सर्विलांस टीम ने पता लगाया कि घटना को अंजाम देने वाला उनका ही एक पुराना किराएदार है. मुठभेड़ में आरोपियों ने फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए. जिसके बाद कल्लू नाम के आरोपी को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. इरफ़ान नाम के आरोपी को बेहतर उपचार के लिए प्रयागराज रेफर कर दिया गया है. 

रिपोर्ट के मुताबिक़, आयुष के पिता अशोक केसरवानी ने बताया,

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शाम को 5:50 बजे में मेरा बेटा गायब हुआ. एक वीडियो के ज़रिए हमें ये बात पता चली. फिर रात 8:29 बजे हमें कॉल आया. फ़ोन पर आरोपी ने मेरे बेटे के बारे में ज़िक्र किया. मैंने जब पूछा कि तुम कौन बोल रहे हो तो उसका कोई जवाब नहीं आया. कुछ देर बाद उसने फिर फ़ोन किया और मुझसे 40 लाख रुपये मांगे. उसने मुझे एक घंटे का समय दिया था. मैंने फिर प्रशासन को सूचना दी. 

पुलिस ने बताया कि बच्चे को अपहरणकर्ता पहले से जानते थे. आरोपी कल्लू और इरफ़ान अशोक केसरवानी के घर किरायदार थे. 10 दिसंबर को उन दोनों ने मकान खाली कर दिया था. पुलिस को सीसीटीवी में पता चला कि अनबन के कारण उसने मकान खाली किया था. उन्होंने इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर आयुष को किडनैप किया था.

वीडियो: यूपी के चित्रकूट से सामने आया फर्जी एनकाउंटर का मामला, 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज

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