अमेरिका और ईरान (US Iran Tensions) के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर 'और गंभीर' हमले की चेतावनी जारी की है. प्रेसिडेंट ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच, 'कहीं ज्यादा बुरे' हमले की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि ये हमला वेनेजुएला जैसा नहीं बल्कि और बड़ा होगा. इसके बाद तनाव और बढ़ता जा रहा है. दूसरी ओर इसके जवाब में ईरान ने भी कसम खाई है कि वह अपनी हिफाजत ऐसे करेगा जैसे उन्होंने पहले कभी नहीं की. दोनों तरफ से बयानबाजी के बीच कभी भी सैन्य कार्रवाई हो सकती है.
प्रेसिडेंट ट्रंप की ईरान को चेतावनी, 'वेनेजुएला से ज्यादा खतरनाक हमला करेंगे'
प्रेसिडेंट ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच, 'कहीं ज्यादा बुरे' हमले की चेतावनी दी है. इसके बाद तनाव और बढ़ता जा रहा है. ईरान ने भी कसम खाई है कि वह अपनी हिफाजत ऐसे करेगा जैसे उन्होंने पहले कभी नहीं की.


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा है कि यह नेवल फ्लीट जो ईरान की ओर बढ़ रही है, वो पहले वेनेजुएला भेजी गए फ्लीट से बड़ी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यह बेड़ा तैयार है, इच्छुक है, और जरूरत पड़ने पर तेजी के साथ अपने मिशन को पूरा करने में सक्षम है. ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि ईरान बहुत जल्द से बातचीत की मेज पर आएगा. उम्मीद है कि ईरान एक निष्पक्ष और बराबरी का समझौता करेगा. इस समझौते में कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं होंगे जो सभी पक्षों के लिए अच्छा है. इसी दौरान दोनों देशों के बीच पिछले टकराव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने लिखा,
जैसा कि मैंने ईरान से पहले भी कहा था, समझौता करो! उन्होंने नहीं किया. और फिर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर हुआ, जिससे ईरान का बहुत अधिक नुकसान हुआ.भविष्य में होने वाला कोई भी हमला पहले से 'कहीं ज्यादा बुरा' होगा. मैं तेहरान से कहूंगा कि ऐसा न होने दें.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले प्रेसिडेंट ट्रंप ने एयर फोर्स वन में उड़ान के दौरान पत्रकारों से कहा था कि अमेरिका, ईरान पर करीब से नजर रख रहा है. अमेरिकन नेवी का एक बड़ा बेड़ा उस दिशा में जा रहा है. इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान जारी कर बताया कि वह कई दिनों तक चलने वाली एक वॉर एक्सरसाइज करने की तैयारी कर रहा है. ये एक्सरसाइज, एसेट्स और कर्मचारियों को फैलाने, उनकी क्षमता बढ़ाने, क्षेत्रीय पार्टनरशिप को मजबूत करने और पूरे क्षेत्र में लचीले रिस्पॉन्स को लागू करने की तैयारी के लिए डिजाइन की गई हैं. इन एक्सरसाइज का मकसद अमेरिकी सेंट्रल कमांड की विश्वसनीता को दिखाना, युद्ध के लिए तैयार रखना है. जानकारी के मुताबिक अमेरिका का कैरियर बैटल ग्रुप इस समय हिंद महासागर में है. और उसके साथ कई और जंगी जहाज भी हैं.
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