The Lallantop

सरकारी स्कूलों के फोटो-वीडियो पर योगी सरकार का सख्त आदेश आया, CJP तो ध्यान से सुने

यूपी के सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर CJP का ‘School Thik Karo’ अभियान चल रहा है. इसी बीच CM योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्कूलों की सुविधाओं की मौके पर जांच करने और भ्रामक वीडियो के जरिए गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. स्कूलों में यूट्यूबर्स और बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर भी नए निर्देश सामने आए हैं.

Advertisement
post-main-image
सीएम योगी ने स्कूलों को लेकर आदेश जारी किया है (PHOTO- AajTak)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी स्कूलों में यूट्यूबर्स और बाहरी लोगों की फोटो-वीडियोग्राफी पर रोक लगाने और भ्रामक वीडियो फैला रहे लोगों के खिलाफ FIR करने के निर्देश जारी किए हैं।
  • सीजेपी के सरकारी स्कूलों के ऑडिट अभियान और वायरल वीडियो में बच्चों को खराब मिड-डे मील दिए जाने के कारण यूपी सरकार ने स्कूलों की स्थिति पर नियंत्रण बढ़ाने के उपाय किए हैं।
  • प्रशासन ने स्कूलों में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया पर मिली शिकायतों की जांच करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी के लोग इन दिनों देश भर में सरकारी स्कूलों का ‘ऑडिट’ कर रहे हैं. स्कूलों में जाकर वहां की हालत देख रहे हैं. राजस्थान गए तो वहां की सरकार ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और फोटो-वीडियोग्राफी पर रोक लगा दी. यूपी आए तो यहां की योगी सरकार भी अलर्ट हो गई. प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ऐसा आदेश जारी किया है कि सीजेपी के लोग हों या कोई और, यूपी के सरकारी स्कूलों के वीडियो-फोटो शेयर करने से पहले दस बार सोचेंगे. 

Advertisement

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है, जो भ्रामक वीडियो के जरिए सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं. सीएम ने कहा कि मिड-डे मील और लड़के-लड़कियों के लिए बने शौचालयों की हालत की मौके पर ही जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई-लिखाई का अच्छा माहौल मिलना चाहिए. CM योगी ने प्रदेश के जिलाधिकारियों से स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने को भी कहा है.

यूट्यूबर्स की एंट्री पर रोक

सीएम योगी ने ये आदेश राज्य सरकार के सीनियर अधिकारियों और फील्ड में तैनात अधिकारियों के साथ मीटिंग में दिए हैं. हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारियों ने प्रदेश भर के सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों को लेकर एक आदेश दिया था. इसमें यूट्यूबर्स समेत तमाम बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम यूपी के कुछ सरकारी स्कूलों का वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया था. वीडियो में छात्रों को खराब क्वालिटी का मिड-डे मील परोसा जा रहा था. 

Advertisement

ये निर्देश CJP के सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘SchoolThikKaro’ अभियान के बीच आया है. इसके अलावा पिछले दो हफ्तों में यूपी के अलग-अलग हिस्सों में स्कूल सुविधाओं को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं, जिसे ‘जेन अल्फा’ प्रोटेस्ट कहा जा रहा है.

(यह भी पढ़ें: अभिजीत दिपके का अल्टिमेटम, ‘भैंस के तबेले वाला स्कूल 48 घंटे में ठीक करो वर्ना मैं आ रहा हूं’)

पहले के आदेशों में हुए बदलाव

बाद में उत्तर प्रदेश में कई जिला शिक्षा अधिकारियों ने अपने पहले के आदेशों में बदलाव किया. उन्होंने नए सर्कुलर जारी किए. इनमें स्कूलों को निर्देश दिया गया कि वे पेरेंट्स और स्कूल मैनेजमेंट के सदस्यों को स्कूल आने और अपने बच्चों की प्रोग्रेस से जुड़ी जानकारी लेने की अनुमति दें. इसके बाद मुख्य सचिव एसपी गोयल ने डिविजनल कमिश्नरों और जिलाधिकारियों को एक लेटर लिखा. उन्होंने निर्देश दिया कि वो सरकारी स्कूलों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई और पढ़ाई-लिखाई की सुविधाएं सुनिश्चित करें. साथ ही वो छात्रों और माता-पिता के साथ नियमित बातचीत बनाए रखें.

Advertisement

गोयल ने अधिकारियों से कहा कि वो राज्य भर के बेसिक और सेकेंड्री शिक्षा संस्थानों के लिए बने उपायों को लागू करना और उनकी निगरानी करना सुनिश्चित करें. इन निर्देशों में स्कूलों में साफ पीने का पानी, लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, हाथ धोने की सुविधा, बिजली कनेक्शन और उपकरण, किचन शेड, बाउंड्री वॉल और मिड-डे मील किचन की व्यवस्था करना शामिल है.

PM पोषण योजना के तहत अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि छात्रों को नियमित रूप से अच्छी क्वालिटी का भोजन मिले. लेटर में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए मिली शिकायतों की तुरंत जांच करें. साथ ही गलत जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई करें.

वीडियो: Jaipur में CJP के School Inspection पर हंगामा, Ashutosh Ranka ने लगाया मारपीट का आरोप

Advertisement