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20 लाख के शेयर, राजस्थान की यात्रा, ट्विशा शर्मा का 'डिजिटल अवतार' खोलेगा हर राज?

Twisha Sharma Death case: ट्विशा शर्मा मामले में सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब CBI अन्य-अन्य तरीकों से भी मामले की जांच कर रही है. बताया गया कि एजेंसी ट्विशा का एक डिजिटल रीक्रिएशन बनाने वाली है.

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ट्विशा शर्मा का CBI डिजिटल अवतार बनाने वाली है. (फोटो-इंडिया टुडे)

ट्विशा शर्मा मामले में CBI जांच का दायरा बढ़ाने वाली है. 12 मई की रात क्या-क्या हुआ, मृतक ने किससे बात की, इंटरनेट पर क्या-क्या एक्टिविटी रही, सब जानने के लिए वर्चुअल टाइमलाइन बनाई जाएगी. ये सब रिटायर्ड जज और सास गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद किया जा रहा है.

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CBI पीड़िता के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है. परिवार ने आरोप लगाया है कि ट्विशा के पास कई कंपनियों के शेयर थे. जिनकी कीमत लाखों में थी. आरोपी पति समर्थ और सास कथित तौर पर वे शेयर उनके नाम करने के लिए दबाव बना रहे थे. पहले ये केस सिर्फ दहेज तक सीमित था. लेकिन अब इसमें सबूतों से छेड़छाड़, 12 मई की रात जो हुआ, उसे छिपाने की कोशिश भी शामिल हो सकती है. एक-एक करके जानते हैं कि अब किन-किन मामलों पर जांच हो रही है.

पैसे बने विवाद का कारण?

- ट्विशा के परिजनों ने कोर्ट में कुछ दस्तावेज पेश किए. आरोप लगाया कि ट्विशा को कथित तौर पर परेशानी शादी के बाद ही शुरू हो गई थी. तोहफे और दहेज को ससुराल वालों ने अपने 'लेवल से कम' का बताया.

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- ट्विशा के पास करीब 20 लाख रुपये के शेयर थे. समर्थ और गिरिबाला सिंह, दोनों ही वे शेयर उनके नाम पर ट्रांसफर करवाना चाहते थे. इन्वेस्टिगेटर्स जांच कर रहे हैं कि क्या घर में विवाद का कारण यही बना था?  

- ट्विशा की प्रेग्नेंसी पर भी सवाल उठाए गए. कथित तौर पर प्रेग्नेंसी खत्म करने का दबाव डाला गया. कहा गया कि अगर वो अबॉर्शन कर लेती हैं, तो उसे घर में स्वीकार कर लिया जाएगा. जांच की जा रही है कि क्या इन आरोपों की पुष्टि मेडिकल रिकॉर्ड, मैसेज और गवाहों के बयानों से की जा सकती है.

- परिवार ने कहा कि ट्विशा ने उन्हें बार-बार बताया कि ससुराल में उसके साथ उत्पीड़न, मारपीट और दहेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा है. 19 अप्रैल को जब वो राजस्थान से आई, तो पति-सास दोनों ने ही उसके कैरेक्टर पर सवाल उठाए. और उसे अपमानित किया.

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क्या ये आरोप ही ट्विशा शर्मा की कथित तौर पर आत्महत्या का कारण बने, ये जानने के लिए सीबीआई टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन करने वाली है.

CBI करेगी टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन

टनल व्यू का मतलब CCTV फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, Wi-Fi लॉग, इंटरनेट पर की गई गतिविधियां, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फोरेंसिक मैपिंग और हर कमरे की दोबारा जांच को मिलाकर एक वर्चुअल टाइमलाइन तैयार की जा रही है. जांच में ट्विशा के आखिरी कुछ घंटों का एक डिजिटल रीक्रिएशन (अवतार) किया जाएगा.

इससे ये जानने की कोशिश की जाएगी कि ट्विशा आखिरी पलों में ठीक कहां था. अलग-अलग कमरों में कौन आया और गया. और क्या डिजिटल सबूत परिवार वालों की बताई कहानी का समर्थन करते हैं? टनल व्यू के बारे में अधिक जानने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक कीजिए. 

ये भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा केस की गुत्थी 'टनल व्यू' तकनीक से सुलझाएगी CBI, शातिर अपराधी भी इससे कांपते हैं

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच की जा रही है कि अगर ट्विशा छत पर मिली थी, तो उसके शरीर को नीचे लाने का फैसला किसने किया? क्या शरीर को एक आपातकालीन कदम के तौर पर नीचे लाना सही था, या इससे क्राइम सीन में कोई बदलाव आ गया? क्या इन कदमों से सबूतों की विश्वसनीयता पर कोई असर पड़ा है.

ये भी देखा जा रहा है कि CCTV के सिर्फ कुछ ही क्लिप सार्वजनिक तौर पर क्यों सामने आए. जिम एरिया में ट्विशा के जाने और उसे नीचे लाए जाने का फुटेज तो सामने आया, लेकिन बाकी अहम हिस्से क्यों गायब हैं? क्या सबूतों को जान-बूझकर चुना गया था, या फिर जरूरी रिकॉर्ड्स में कोई छेड़छाड़ की गई थी? सबसे अहम सवाल ये है कि उनकी मौत के ठीक बाद क्या हुआ था. 

जांच का सबसे अहम हिस्सा 40 मिनट का समय है. जब ट्विशा कथित तौर पर छत पर बने जिम एरिया में गई थी, और जब उसे अस्पताल ले जाया गया. मामले में घरेलू नौकरों, सहयोगियों, घटना के बाद घर पर आने वाले लोगों और परिवार से जुड़े अन्य लोगों से अब पूछताछ की जा सकती है.

वीडियो: OSM Controversy पर CBSE की सफाई, जांच में अबतक क्या पता चला?

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