The Lallantop

हाईवे पर दौड़ी गाड़ियां, भरता गया सरकारी खजाना! टोल कमाई में सबसे आगे ये 5 राज्य

टोल टैक्स कलेक्शन में सरकार नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है. वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही 50,345 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जो पिछले साल के कुल कलेक्शन के करीब पहुंच रही है. हाईवे नेटवर्क बढ़ने और FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन से सरकार की आय में लगातार इजाफा हो रहा है.

Advertisement
post-main-image
सरकार टोल टैक्स कलेक्शन में नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है (PHOTO-India Today)

टोल टैक्स का कलेक्शन (Toll Tax Collection) सरकार की कमाई का एक बहुत बड़ा जरिया है. और अब इस साल सरकार टोल कलेक्शन में नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है. वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही इतना कलेक्शन हो चुका है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. अगर इस रफ्तार से कलेक्शन होता है तो बीते कई सालों का रिकॉर्ड टूट जाएगा.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
सरकार ने क्या जानकारी दी है?

सरकार ने संसद में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025 में कुल 61,408 करोड़ रुपये का टोल वसूला गया था. लेकिन वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 50,345 करोड़ का टोल वसूला जा चुका है. ये साल 2025 के कुल कलेक्शन का 82 प्रतिशत है. टोल वसूली की ये रफ्तार बताती है कि अगर इसी तरह कलेक्शन जारी रहा तो ये कुछ ही महीनों में बीते साल का रिकॉर्ड पार कर देगा.

रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाईवे मंत्रालय (MoRTH) ने राज्यसभा में जो लेटेस्ट डेटा दिया है, उसके मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024 में टोटल यूजर फीस कलेक्शन 55,882 करोड़ रुपये था, जबकि वित्तीय वर्ष 2023 में यह 48,032 करोड़ रुपये रहा था. वित्तीय वर्ष 2022 और 2021 में, कुल टोल कलेक्शन 33,929 करोड़ रुपये और 27,927 करोड़ रुपये रहा. कुल मिलाकर बीते 5 सालों का डेटा देखें तो 2021 से दिसंबर 2025 तक कुल 2.78 लाख करोड़ रुपये की कमाई सरकार को सिर्फ टोल से हुई है. यानी पिछले 5 सालों में कुल कलेक्शन में लगभग 120% या दोगुने से भी अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है. 

Advertisement

इस कलेक्शन पर जानकारी देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि नेशनल हाईवे पर लिया जाने वाला टोल कई बातों पर निर्भर करता है. जैसे कि टोलिंग के तहत हाईवे की लंबाई का बढ़ना, हाईवे के इन हिस्सों पर कितना ट्रैफिक है और हाईवे इस्तेमाल करने वाले वाहनों की कैटेगरी क्या है. उन्होंने आगे कहा,

2024-25 के दौरान नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम के लिए किए गए इम्पैक्ट असेसमेंट से पता चलता है कि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) के तहत एक गाड़ी को टोल प्लाजा पार करने में औसतन 40 सेकंड का समय लगा, जबकि पहले के मैनुअल टोलिंग सिस्टम में हर गाड़ी को 12.23 मिनट लगते थे. इससे ट्रैफिक फ्लो में काफी सुधार और टोल प्लाजा पर भीड़भाड़ में काफी कमी दिखती है.

किस राज्य से कितना टोल वसूला गया?

मौजूदा वित्तीय वर्ष को देखे तो अभी तक राज्यों का टोल कलेक्शन डेटा जारी नहीं किया गया है. लेकिन पिछले पांच सालों को देखें तो पता चलता है कि टोल में बढ़ोतरी मुख्य रूप से पांच राज्यों की देन है. इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की वजह से सरकार को खूब टोल मिला है. इन पांच राज्यों ने जितना टोल वसूला है, वह कुल टोल कलेक्शन का लगभग 48% है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 और 2025 के बीच, राजस्थान सबसे ज्यादा टोल कलेक्शन करने वाला राज्य बना. यहां 2020-21 में लगभग 3,330 रुपये करोड़ टोल कलेक्शन हुआ, जबकि 2024-25 में बढ़कर ये 6,289 करोड़ पहुंच गया है. इस दौरान इसका कुल मिलाकर राजस्थान ने 24,310 करोड़ रुपये का टोल लिया.

Advertisement
  • दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश रहा, जहां 2021 में टोल कलेक्शन 3,087 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 6,574 करोड़ रुपये हो गया. इस वजह से राज्य का कुल टोल कलेक्शन लगभग 23,900 करोड़ रुपये का रहा. 
  • तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र ने सबसे अधिक टेल टैक्स जुटाया. FY21 में उसका टोल रेवेन्यू 2,591 करोड़ रुपये था. FY25 में ये दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर लगभग 6,103 करोड़ रुपये हो गया.
  • चौथे नंबर पर काबिज गुजरात ने टोल कलेक्शन में बढ़त दर्ज की है. गुजरात का कलेक्शन 2,721 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,450 करोड़ रुपये हो गया.
  • पांचवें नंबर पर मौजूद तमिलनाडु बाकी राज्यों से थोड़ा पीछे है, लेकिन उसके टोल कलेक्शन में लगातार बढ़त देखने को मिली है. FY21 से FY25 के बीच टोल रेवेन्यू 2,333 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,459 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

इन पांच राज्यों में अधिक टोल कलेक्शन के पीछे इनमें बने घने हाईवे नेटवर्क का हाथ है. जितने ज्यादा हाईवे होंगे, उतना ही टोल कलेक्शन होगा. इन राज्यों का रोड नेटवर्क बड़ा है जो ज्यादा से ज्यादा गाड़ियों की आवाजाही और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी को सपोर्ट करता है, इसलिए टोल कलेक्शन में इन राज्यों का बड़ा योगदान है. बस उम्मीद ये है कि अगर सरकार इतना टोल वसूल रही है, तो उस अनुपात में ही सुविधाओं में भी बढ़ोतरी करे.

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने MCD के 9 टोल प्लाजा बंद करने के लिए क्यों कहा?

Advertisement