पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को बीते एक महीने से ऊपर हो गया है. इसके बाद से ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पार्टी को लेकर कोई न कोई मुसीबत बढ़ाने वाली खबरें आ ही रही हैं. ताजा रिपोर्ट ये है कि क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट यानी CID की एक टीम ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची है.
ममता बनर्जी के घर CID की टीम पहुंच गई, क्या है मामला?
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर CID की टीम पहुंच गई है. इस कार्रवाई से पहले CID ने मामले में नोटिस भेजा था.


न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, 9 जून 2026 को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर CID की टीम पहुंची. CID यहां 'फर्जी सिग्रेचर' से जुड़े मामले की छानबीन के लिए पहुंची है. CID ने इस कार्रवाई से पहले मामले में नोटिस भेजा था.
इसके पहले, CID के अधिकारियों के साथ कालिघाट पुलिस थाने के पुलिसकर्मी TMC के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे थे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर मौजूद CID अधिकारियों ने पार्टी कार्यालय पहुंचने का कारण बताया,
'अभिषेक बनर्जी ने (नोटिस के) जवाब में बताया था कि विधायकों के साइन पार्टी कार्यालय में लिए गए थे. उसी जानकारी के आधार पर हम जांच के सिलसिले में यहां आए हैं.'
जब CID की टीम परिसर में प्रवेश करने पहुंची, तो उसे पहले रोका गया. इसके चलते कुछ देर तक सुरक्षा कर्मियों और जांच अधिकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बन गई थी.
इस बीच, अभिषेक बनर्जी फिलहाल ममता बनर्जी के साथ नई दिल्ली में हैं. ममता 9 जून की दोपहर 10, जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पहुंची थीं. INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए दोनों दिल्ली पहुंचे थे. दूसरी तरफ CID ने उन्हें इस मामले में मंगलवार शाम 5 बजे तक पेश होने के लिए समन भेजा था.
आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष को मान्यता देने से जुड़े एक प्रस्ताव पर TMC विधायकों के नकली हस्ताक्षर किए गए थे. CID इसी मामले की जांच कर रही है और उसकी कार्रवाई इसी का हिस्सा है.
दरअसल, पिछले महीने अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवालय को एक लेटर लिखा कि पार्टी शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता विपक्ष बनाना चाहती है. उसके बाद 20 मई को इसी मामले में 70 दस्तखत वाला दूसरा लेटर भेजा गया. बताया गया इनमें से 14 दस्तखत ‘कैपिटल लेटर’ में थे.
लेकिन 27 मई को TMC के दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने इसको लेकर स्पीकर से शिकायत कर दी. दोनों नेताओ ने दावा किया कि नेता विपक्ष चुनने को लेकर पार्टी की कोई बैठक नहीं हुई और उन्होंने इससे जुड़े किसी पेपर पर साइन भी नहीं किया है.
इस बयान के आधार पर स्पीकर ने पुलिस थाने में इसकी शिकायत की, FIR दर्ज की गई और मामला CID को सौंप दिया गया.
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