प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक से हटा दिया गया था, जिसे कुछ देर बाद रिस्टोर कर दिया गया. मंगलवार, 28 जुलाई को Meta ने बताया कि पीएम मोदी का सेल्फी वीडियो एक 'गलती' की वजह से कुछ समय के लिए रिमूव हो गया था. लेकिन सरकार इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. मामले में अब मेटा के पब्लिक पॉलिसी चीफ को तलब किया गया है. सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मामला फिलहाल सेटल नहीं हुआ है.
PM का वीडियो हटाने पर सख्त सरकार, Meta की माफी भी रिजेक्ट, अधिकारी को किया तलब!
PM Modi Facebook video removed: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक से हटा दिया गया था. मंगलवार, 28 जुलाई को Meta ने इसे तकनीकी चूक बताते हुए माफी मांग ली थी. हालांकि, कंपनी के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मेटा की ओर से दिए जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं है. फिलहाल मामला सुलझा नहीं है. कंपनी ने जो जवाब दिया है उसे सरकार तार्किक नहीं मान रही है. इस मामले पर जवाबदेह लोगों को जवाब के लिए तलब किया जा सकता है.’
Facebook Video हटाने से जुड़ा है विवादजंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच गया था. इस बीच पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते करते हुए वीडियो पोस्ट किया था. जिसके फेसबुक से रिमूव होने के कारण कंपनी की काफी आलोचना हुई. बाद में मामले पर सफाई देते हुए मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा था,
"कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे रिस्टोर कर दिया गया है."
उन्होंने कहा था कि ऑटोमेटेड कंटेंट फिल्टर में खराबी के कारण वीडियो हट गया था. PTI से बात करते हुए सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा का जवाब उचित नहीं है. सरकार इस घटना को लेकर कंपनी के साथ बातचीत जारी रखेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया है.
क्या था वीडियो में?वीडियो में पीएम मोदी ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के लिए सख्त सजा वाला एक नया और कड़ा कानून लाएगी. पीएम ने वीडियो में कहा,
"फ्रेंड्स, मैं अच्छी तरह जानता हूं कि पेपर लीक का मुद्दा कोई छोटी बात नहीं है. इससे लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को बहुत परेशानी होती है. इसलिए, इन घटनाओं के बाद पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं. दोषियों को पकड़ लिया गया है और वे अभी जेल में हैं."
उन्होंने आगे कहा,
“विभागों ने देर रात तक लगातार काम करके मुझे एक ड्राफ्ट सौंपा है. इस ड्राफ्ट में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा के प्रावधान शामिल हैं. कैबिनेट में इस पर चर्चा होगी. कैबिनेट के सहयोगियों के सुझावों को शामिल करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.”
यह वीडियो फेसबुक के अलावा, Instagram, WhatsApp और X पर भी साझा किया गया था.
कई वीडियो हटाने के निर्देशइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पिछले हफ्ते CJP के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के खत्म होने के बाद आंदोलन से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरों को 'आपत्तिजनक' करार दिया है. उन्हें इंस्टा, फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया था.
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इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ी ज्यादातर बातचीत और जानकारी मुख्य रूप से Instagram पर हुई थी. इनमें सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में अपमानजनक बातें कहने वाले वीडियो भी शामिल थे. 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र जंतर मंतर से चले गए थे.
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