28 साल की बी श्रावणी चिन्नी. एक ट्रांस पर्सन (Trans Person) जो पिछले साल तक सिकंदराबाद के चौराहों पर भीख मांगती थी. तेलंगाना सरकार के एक फैसले से उनकी जिंदगी बदल गई. अब श्रावणी उन चौराहों पर पुलिस की वर्दी में ट्रैफिक रेगुलेट (Trans Person Traffic regulation) करती हैं.
जिन सिग्नल्स पर मांगी भीख, अब वहीं ट्रैफिक इंस्पेक्टर बने ये लोग, कहानी सबको जाननी चाहिए
Telangana सरकार ने ट्रैफिक पुलिस में Trans Person की भर्ती शुरू की है. पायलट प्रोजेक्ट तौर पर राज्य के पुलिस विभाग ने 39 ट्रांस पर्सन को Traffic Assistant के तौर पर नियुक्त किया है.

तेलंगाना के सिकंदराबाद में अलुगड्डा बावी जंक्शन पर ट्रैफिक रेगुलेट कर रही बी श्रावणी चिन्नी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,
यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है. दूसरी जगहों के अलावा, मैंने 10 सालों तक इसी सिग्नल पर भीख मांगी है. अब मैं इसी स्थान पर ट्रैफिक मैनेजमेंट कर रही हूं.
करीब तीन महीने पहले तेलंगाना ने पुलिस विभाग में होमगार्ड की तरह ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ट्रांस पर्सन को नियुक्त करने की घोषणा की थी. दिसंबर 2024 में इसके लिए एक सरकारी आदेश जारी किया गया. जिसमें ट्रांस पर्सन के लिए 50 वैकेंसी निकाली गईं. सरकार की घोषणा के बाद 100 ट्रांस पर्सन्स ने नौकरी के लिए आवेदन किया. जिसमें लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट के बाद 44 लोगों को ट्रेनिंग के लिए चुना गया. जिसमें से 39 लोग दिसंबर के आखिरी हफ्ते में ट्रैफिक पुलिस में ट्रैफिक असिस्टेंट के तौर पर शामिल हुए. इन लोगों को छह महीने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत ट्रैफिक सहायक के रूप में तैनात किया गया है.
बी श्रावणी चिन्नी ने बताया कि इस नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद उन्होंने भीख मांगना छोड़ दिया है. उन्हें बताया गया है कि उन्हें इस काम के लिए सैलरी मिलेगी. लेकिन उन्हें नहीं पता कि यह कितनी होगी. अभी उन्हें अपनी पहली सैलरी का इंतजार है. चिन्नी ने आगे बताया कि उन्हें बताया गया है कि छह महीने के बाद उनका कार्यकाल उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा.
हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर सी.वी. आनंद ने बताया,
इस योजना का आइडिया राज्य के मुख्यमंत्री (रेवंत रेड्डी) की ओर से आया. उन्होंने सोचा कि हम कब तक एक समुदाय को बिना किसी गलती के पीछे धकेलते रहेंगे और उन्हें बिना आजीविका के छोड़ देंगे. कई ट्रांस पर्सन ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगते दिख जाते हैं. इसलिए उन्हें ट्रैफिक रेगुलेट करने के लिए बहाल करने का निर्णय लिया गया.
सी. वी. आनंद ने आगे बताया, प्रमुख सचिव (महिला और बाल कल्याण और अनुसूचित जाति विभाग) अनिता रामचंद्रन ने इस योजना को लागू करने के लिए कड़ी मेहनत की. हमने सभी ट्रांस पर्सन संगठनों को विश्वास में लिया. और कहा कि हम इस पूरे मामले में उनका साथ देंगे. उनसे कहा गया कि वो इस मौके का फायदा उठाएं. क्योंकि इस पहल पर पूरे देश की नजरें थीं. बेशक इसमें मुश्किलें आईं. लेकिन आखिर में सब ठीक हो गया.
पुलिस डिप्टी कमिश्नर (यातायात) बीके राहुल हेगड़े ने बताया कि इनकी भर्ती से पहले ट्रैफिक फोर्स को ट्रांस पर्सन के प्रति संवेदनशील बनाने की कोशिश की गई है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें भेदभाव महसूस न हो. उन्होंने आगे बताया कि वे उनके सामने आने वाली दूसरी मुश्किलों को समझने के लिए बारीकी से निगरानी कर रहे हैं.
हैदराबाद में ट्रैफिक असिस्टेंट के तौर पर तैनात एक ट्रांस पर्सन ने बताया,
यह हमारे लिए यह साबित करने का अच्छा मौका है कि हम पुरुषों या महिलाओं की तरह ही अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. और हम किसी से कम नहीं हैं.
उन्होंने आगे बताया कि समाज द्वारा उन्हें स्वीकार किए जाने के लिए अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है. लेकिन यह समानता की दिशा में पहला कदम है.
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