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राहुल मंच पर ही थे, तेजस्वी ने इशारों में खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित करवा दिया!

तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘नकली मुख्यमंत्री’ बताया है और लोगों से ‘ओरिजिनल सीएम’ के लिए हुंकार भरवाई.

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तेजस्वी ने खुद को बताया मुख्यमंत्री चेहरा. (फोटो- PTI)
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रोहित कुमार सिंह

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने इशारों-इशारों में खुद को बिहार में महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है. इस दौरान उनके साथ मंच पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेता मौजूद थे. तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘नकली मुख्यमंत्री’ बताया है और लोगों से ‘ओरिजिनल सीएम’ के लिए हुंकार भरवाई.

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों 'वोटर अधिकार यात्रा' पर निकले हुए हैं. कांग्रेस नेता और RJD नेता की ये जोड़ी बिहार की सड़कों पर लगातार सफर कर रही है. समर्थकों ने तो दोनों के लिए 'दो भाई, वोट चोरों की तबाही' जैसे नारे तक गढ़ दिए.

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इसी बीच तेजस्वी यादव का ये बयान आया है. एक तरफ राहुल गांधी अब तक गठबंधन के चेहरे पर सवाल को टालते रहे हैं. वहीं, आरा में एक रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला और उन्हें ‘नकलची मुख्यमंत्री’ करार दिया.

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नीतीश सिर्फ उनकी नीतियों की नकल कर रहे हैं और घोषणाएं कर रहे हैं. तेजस्वी ने भीड़ की जोरदार जयकार के बीच कहा- ‘तेजस्वी आगे बढ़ रहे हैं. सरकार उनके पीछे चल रही है.’ इसके बाद तेजस्वी ने जनता से पूछा कि क्या उन्हें ‘असली मुख्यमंत्री’ चाहिए या ‘डुप्लीकेट मुख्यमंत्री'. वहीं, उन्होंने खुद को गठबंधन का 'असली मुख्यमंत्री' उम्मीदवार घोषित कर दिया.

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इससे कहा जा रहा है कि गठबंधन के नेतृत्व के सवाल पर अपनी मुहर लगाकर तेजस्वी ने संकेत दिया कि कांग्रेस भले ही राष्ट्रीय पार्टी हो. लेकिन बिहार में RJD बड़ा भाई है. इससे पहले, सूत्रों ने बताया था कि तेजस्वी को समर्थन देने में कांग्रेस की हिचकिचाहट संभवतः सीट बंटवारे की बातचीत से जुड़ी है.

कांग्रेस RJD से अपेक्षित संख्या में सीटें न मिलने को लेकर चिंतित है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा. लेकिन सिर्फ 19 पर जीत हासिल की. कांग्रेस के ​​खराब प्रदर्शन ने महागठबंधन की ओवरऑल संख्या को प्रभावित किया, भले ही RJD 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. सूत्रों ने बताया कि इस बार भी कांग्रेस इतनी ही सीटों (70) पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है.

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