बिहार में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने जो सरकारी बंगला खाली किया, उस पर रार छिड़ गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कोटे से मंत्री लखेंद्र पासवान ने तेजप्रताप यादव के खाली किए बंगले पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब उन्होंने बंगले को जाकर देखा तो वो खस्ता हालत में था और कई जरूरी चीजें गायब पाई गईं.
तेजप्रताप यादव ने सरकारी बंगला खाली किया, BJP मंत्री बोले- 'पंखा, कुर्सी, एसी और बल्ब तक गायब'
BJP मंत्री Lakhendra Paswan ने कहा कि ये चीजें इस बंगले में थीं या नहीं, यह सिर्फ Tej Pratap Yadav ही बता सकते हैं. अब देखना होगा कि भवन निर्माण विभाग अपनी जांच में किस नतीजे पर पहुंचता है.


30 जनवरी की रात लखेंद्र पासवान बंगले का मुआयना करने पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि इस घर को खाली कराने में काफी समय लग गया. उन्होंने आगे कहा कि बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू हो रहा है और अगर घर खाली नहीं होता, तो बहुत दिक्कत होती.
BJP मंत्री ने बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के ऑफिसर और इंजीनियर को मरम्मत का निर्देश दिया है कि वे काम जल्द से जल्द, एक हफ्ते के अंदर पूरा करें, ताकि शुभ मुहूर्त में उनका परिवार गृह प्रवेश कर सके. लखेंद्र पासवान अधिकारियों की मौजूदगी में ये सरकारी बंगला देखने गए थे.
इंडिया टुडे से जुड़े सीनियर पत्रकार शशि भूषण कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, घर देखने के बाद लखेंद्र पासवान ने आरोप लगाया,
"बंगले में पंखे, कुर्सियां, एसी और यहां तक कि बल्ब तक गायब हैं. छत भी खराब है. जब तक विभाग बंगले की मरम्मत नहीं करता, तब तक यह बंगला रहने लायक नहीं है."
उन्होंने आगे कहा,
"जब आवास उनके (तेजप्रताप यादव) नाम पर आवंटित था, और यहां कुछ नहीं है. पूरा खंडहर है. बल्ब से लेकर पंखा तक, सोफा से लेकर कुर्सी तक, जो सरकारी चीज थी, वो सब नहीं है. तो स्वाभाविक है कि जब (घर) खाली किया है, तो चीजें तो उनके साथ ही गई होंगी ना."
लखेंद्र ने कहा कि ये चीजें इस बंगले में थीं या नहीं, यह सिर्फ तेजप्रताप यादव ही बता सकते हैं. हालांकि, इस मामले में तेजप्रताप यादव या उनके समर्थकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह देखना बाकी है कि भवन निर्माण विभाग अपनी जांच में किस नतीजे पर पहुंचता है.
25 नवंबर 2025 को पूर्व CM लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को उनके सरकारी बंगले (26 M स्ट्रैंड रोड, पटना) को खाली करने का नोटिस जारी किया गया था. विधानसभा चुनाव 2025 में तेजप्रताप महुआ विधानसभा सीट से हार गए थे. इसके बाद उन्हें ये नोटिस भेजा गया.
तेजप्रताप की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को भी उनके सरकारी आवास (10 सर्कुलर रोड, पटना) को खाली करने का नोटिस मिला है. नियमों के अनुसार, पूर्व विधायक को नोटिस मिलने के बाद ज्यादा से ज्यादा एक महीने के अंदर बंगला खाली करना होता है.
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