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'हां अजित के साथ विलय की बात चल रही थी लेकिन अब... ', शरद पवार ने सब साफ-साफ बता दिया

Sharad Pawar ने बताया कि उनकी और Ajit Pawar की पार्टी के विलय को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई थी. बोले- 'हमारी पार्टी और अजित पवार की पार्टी ने साथ मिलकर काम करने का फैसला किया था और इस पर सबकी सहमति थी.' आगे इस पर क्या होगा? उन्होंने इस बारे में भी जानकारी दी है.

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अजित पवार की मौत के बाद दोनों गुटों का विलय काफी मुश्किल दिख रहा है (PHOTO-AajTak)

क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़े आपस में विलय करेंगे? बीते कुछ महीनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार वापस से एक हो सकते हैं. लेकिन इसी बीच एक प्लेन क्रैश में अजित पवार की मृत्यु हो गई. और फिर से ये सवाल जस का तस बना रह गया कि क्या एनसीपी के दोनों गुट एक हो पाएंगे? और अब इस मुद्दे पर एनसीपी की स्थापना करने वाले शरद पवार ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि अजित पवार के साथ कई महीनों से विलय की बातें चल रही थीं, लेकिन अब इस पर अनिश्चितता बन गई है.

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शरद पवार ने बताया कि उनकी और अजित पवार की पार्टी के विलय को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई थी. लेकिन अब वो बातचीत टूट चुकी है. हमारी पार्टी और अजित पवार की पार्टी ने साथ मिलकर काम करने का फैसला किया था और इस पर सबकी सहमति थी. यह प्रक्रिया शुरू हो गई थी. हमने 12 फरवरी को विलय के फैसले की घोषणा करने का फैसला किया था. शरद पवार ने कहा,

पिछले चार महीनों से, अजित पवार, जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे विलय की बातचीत में शामिल थे. अब एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया है. ऐसा लगता है कि अब यह प्रक्रिया रोक दी जाएगी. हाल की घटनाओं से गुटों के बीच सुलह की कोशिशें रुक सकती हैं.

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30 जनवरी को इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि एनसीपी के दोनों गुट जिला परिषद के चुनाव के बाद एक होने की घोषणा करने वाले थे, लेकिन अजित पवार की असमय मौत ने पूरी बातचीत को बेपटरी कर दिया. पार्टी के मुखिया के बयान के बाद, शरद पवार गुट के सीनियर नेता जयंत पाटिल ने एक बयान जारी कर कहा, 

16 जनवरी को यह तय हुआ था कि जिला परिषद चुनावों के बाद, 8 फरवरी को विलय की घोषणा की जाएगी. लेकिन क्योंकि मुझे दिल्ली में एक शादी में जाना था, इसलिए अजित दादा ने कहा कि आप जो भी तारीख तय करेंगे, हम उसी दिन विलय की घोषणा कर देंगे. इसलिए, हमने 12 फरवरी की तारीख तय की.

पाटिल ने आगे बताया कि अजित पवार ने हमें बताया था कि उन्होंने विलय की योजनाओं के बारे में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और अपनी पार्टी के दूसरे नेताओं को बता दिया था. अजित पवार की आखिरी इच्छा दोनों पार्टियों का विलय देखने की थी. अब जब सुनेत्रा पवार कमान संभाल रही हैं, अगर वह पार्टी विधायकों की भावनाओं पर ध्यान देती हैं, तभी उनकी यह आखिरी इच्छा पूरी हो सकती है. अजित पवार मुझसे कहते थे कि उनके सभी विधायक उनके फैसले में उनके साथ हैं. विलय के उनके फैसले का कोई विरोध नहीं होगा.

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सुनेत्रा पवार के शपथ लेने की खबरों पर शरद पवार ने हैरानी जताई है. उन्होंने कहा कि उनके खेमे को ऐसी किसी योजना के बारे में पता नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार का कोई सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उन्हें इसके बारे में खबरों से ही पता चला है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: अजित पवार विमान हादसे की पूरी कहानी

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