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'जज के घर पर सुनवाई, पुलिस ने 1 दिन की रिमांड क्यों मांगी?', स्वतंत्र भारद्वाज केस में उठे सवाल

CJP और विपक्ष के विरोध के बीच बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. उसने एक पॉडकास्ट में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने का दावा किया था.

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स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है (PHOTO- India Today)

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  • स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर पर एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता के सिर फोड़ने के बयान के बाद पुलिस ने 5 सितंबर को गिरफ्तार किया और उन्हें एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
  • स्वतंत्र भारद्वाज के बयान के कारण हुए विवाद और CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जबकि विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी की मांग की थी।
  • गिरफ्तारी के बाद भारद्वाज को एक दिन की रिमांड पर भेजे जाने पर विरोध हुआ और पुलिस ने अभी तक आरोपों और एफआईआर की धाराओं के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज के बयान को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है. स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ने का दावा किया था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 5 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया. CJP और विपक्ष के विरोध के बाद 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.

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गिरफ्तारी से पहले CJP नेता और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर और पप्पू यादव, नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मांग थी कि स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया जाए. पुलिस ने उन्हें तीन दिन के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके कुछ ही घंटों के अंदर भारद्वाज को धमरा नारा गांव के पास से हिरासत में ले लिया गया. उस समय वह बुलंदशहर से भागने की कोशिश कर रहा था.

हालांकि, भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे जाने पर सीजेपी प्रदर्शनकारी छात्रा के वकील ऋषभ रंजन ने आपत्ति जताई है. उन्होंने इसे ‘बहुत अजीब’ बताया और कहा, 

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हम सब कोर्ट में मौजूद थे और सुनवाई शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. बाद में हमें पता चला कि भारद्वाज के वकील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और आरोपी को जज के सामने उनके घर पर पेश किया गया.

रंजन ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने इतने गंभीर अपराध में सिर्फ एक दिन की हिरासत क्यों मांगी. कानूनी टीम को एफआईआर में जोड़ी गई धाराओं की डिटेल भी नहीं दी गई. उन्होंने कहा,

इतने गंभीर अपराध में सिर्फ एक दिन की पुलिस हिरासत मांगी गई है. हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि कौन से आरोप जोड़े गए हैं और एफआईआर में क्या संशोधन किए गए हैं. मुझे नहीं पता कि क्या छिपाया जा रहा है? दिल्ली पुलिस ने अभी तक धाराओं के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

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स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट में क्या कहा था?

भारद्वाज तब चर्चा में आया जब उसने हाल ही में एक पॉडकास्ट में एक बड़ा दावा किया था. उसने कहा कि जंतर-मंतर पर उसने 14 साल के एक दलित प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ दिया था. स्वतंत्र भारद्वाज ने यह भी कहा कि अपने राजनीतिक संपर्कों के कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसने कहा,

क्या आप जानते हैं कि इस अपराध के लिए कौन सी धारा लगती है? धारा 307 (हत्या का प्रयास)... लेकिन मुझे जेल भी नहीं हुई. दुनिया को यह पता होना चाहिए. मैं पूरी रात घूमता रहा.

स्वतंत्र भारद्वाज के हालिया बयानों से काफी नाराजगी फैल गई. साथ ही, 14 साल की लड़की ने X पर एक इमोशनल वीडियो पोस्ट करके दावा किया कि उसे भारद्वाज के समर्थकों से धमकियां मिल रही थीं. लड़की के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने उसे न्याय का भरोसा दिलाया और भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना की. विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि क्या भारद्वाज को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?

वीडियो: 'निशु के बाप का सिर फाड़े...', स्वतंत्र भारद्वाज के भड़काऊ बयान पर मचा बवाल

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