यौन शोषण का आरोप लगने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है (Swami Avimukteshwaranand FIR). उन्होंने आरोपों से साफ-साफ इनकार किया है और जोर देकर कहा कि अदालत इस मामले में लंबा समय न लगाए और तेजी से काम करते हुए जो भी निर्णय है वो करे. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह योगी आदित्यनाथ नहीं है कि अपने ऊपर मुकदमा हटवा लें. इसकी जरूरत नहीं है. जो फर्जी केस बना है, उसे तो फर्जी सिद्ध होना ही है. अविमुक्तेश्वरानंद ने केस दाखिल करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि शामली के हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट में उनका नाम 34वें नंबर पर दर्ज है. झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उगाही करना उनका काम है. उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी के बहाने उनके गुरु रामभद्राचार्य पर भी निशाना साथा.
'मैं योगी आदित्यनाथ नहीं हूं जो...', यौन शोषण के आरोप पर अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब आया
Swami Avimukteshwaranand Controversy: यौन शोषण के आरोपों से साफ-साफ इनकार करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अदालत इस मामले में लंबा समय न लगाए और तेजी से काम करते हुए जो भी निर्णय है वो करे.
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बता दें कि आशुतोष महाराज ने प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट में अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए अर्जी दाखिल की थी. इस पर फैसला देते हुए कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ शिष्यों के खिलाफ शनिवार, 21 फरवरी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. ब्रह्मचारी का आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में नाबालिग बच्चों का यौन शोषण किया जाता है.
केस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया दी कि इस पर वो यही कहना चाहेंगे कि कोर्ट मामले में लंबा समय न लगाते हुए इस पर थोड़ी सी तेज गति से काम करें क्योंकि बहुत सारे लोगों की निगाह इस पर लगी रहेगी. ऐसे में कोर्ट जल्दी से जल्दी इस पर ‘गवाही-साखी’ करे और निर्णय करे. उन्होंने दावा किया कि जो गलत है, वह तो गलत ही है. जो फर्जी केस बना है, वह तो फर्जी ही सिद्ध होना है.
याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के बारे में बोलते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके ऊपर ये आरोप किसी ‘विधर्मी’ ने नहीं लगाया है. जिस व्यक्ति ने लगाया है वो खुद हिस्ट्रीशीटर है. उसकी पूरी हिस्ट्रीशीट शामली जिले के कांदला थाना में दीवाल के ऊपर लगी है. थाने की दीवार पर लगी लिस्ट में 34वें नंबर पे उसका नाम लिखा है. वहां पर जो रजिस्टर रखा है, उसमें HS नंबर- 76ए में ब्रह्मचारी का नाम लिखा है. उन्होंने कहा,
लोगों के ऊपर फर्जी मुकदमा डाल करके उगाही करना उसका (आशुतोष ब्रह्मचारी) काम है. वह व्यक्ति रामभद्राचार्य का शिष्य बन जाता है और रामभद्राचार्य जी का शिष्य होने के बाद वह आकर हमारे लोगों के ऊपर इस तरह का आरोप लगाता है. ये आरोप कहां से आ रहा है? रामभद्राचार्य जी का बल कहां है? वह भी आप लोग जान लीजिए.
अपने ऊपर दाखिल मुकदमे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा,
बिना मुकदमा दर्ज हुए आरोपों की जांच कैसे होगी? और बिना जांच के अगर केस खारिज कर दिया जाएगा तो आप कहेंगे कि साहब बिना जांच के खारिज कर दिया गया. ऐसे में मुकदमा दर्ज होकर के उस पर जांच हो करके दूध का दूध पानी का पानी होना यही प्रक्रिया है. यही प्रक्रिया बिल्कुल सही है. हम इसका स्वागत करते हैं.
'आगे की क्या तैयारी है' के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो सच है उसको क्या तैयारी करना है? उन्होंने कहा,
झूठा केस बनाया गया है. उन्होंने (आशुतोष ब्रह्मचारी ने) दो एफिडेविट दाखिल किए हैं. दोनों में दो कहानी है. यहीं से मामला खत्म हो गया. एक व्यक्ति शपथ पत्र पर दो कहानी देता है. इसका मतलब उसकी एक कहानी तो झूठी है.
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो प्रक्रिया है उसका पालन किया जाना चाहिए और न्यायालय में जो बाधा आ रही है उसको वह फेस करेंगे. सीएम योगी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा,
क्या है मामलाहम (योगी) आदित्यनाथ थोड़े हैं कि हमारे ऊपर का मुकदमा हटवा लो. ऐसी जरूरत नहीं है. हमारे ऊपर अगर कोई आक्षेप है तो हम भी उसका सामना करेंगे. जैसे आम लोग करते हैं. हमको अपनी न्यायपालिका पे भरोसा है और अपनी सच्चाई पे भरोसा है.
बता दें कि प्रयागराज के पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों पर FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया है. इस मामले में शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसके बाद पॉक्सो स्पेशल कोर्ट का यह आदेश आया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि पर भी FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं. रेप और POCSO स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने ये आदेश दिया है.
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