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हिमंता बिस्वा सरमा के 'गोली' वाले वीडियो का मामला SC पहुंचा, CJI बोले- 'चुनाव आते हैं तो...'

वीडियो में सीएम सरमा को दो लोगों पर प्रतीकात्मक रूप से गोली चलाते हुए दिखाया गया है. आरोप है कि एआई वीडियो में दिखाए गए ये दोनों शख्स 'मुस्लिम' थे, जबकि सीएम सरमा और उनके समर्थक कह रहे हैं कि वे प्रतीकात्मक रूप से 'बांग्लादेशी घुसपैठिये' थे.

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सुप्रीम कोर्ट ने हिमंता से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है. (इंडिया टुडे)

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बंदूक वाले AI वीडियो से जुड़ा विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि चुनावों के समय कोर्ट को राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा बनाए जाने से बचा जाना चाहिए. इस टिप्पणी के साथ ही कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की सहमति दे दी है.

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असम में जल्दी ही विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में असम बीजेपी द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. वीडियो में सीएम सरमा को दो लोगों पर प्रतीकात्मक रूप से गोली चलाते हुए दिखाया गया है. आरोप है कि एआई वीडियो में दिखाए गए ये दोनों शख्स 'मुस्लिम' थे, जबकि सीएम सरमा और उनके समर्थक कह रहे हैं कि वे प्रतीकात्मक रूप से 'बांग्लादेशी घुसपैठिये' थे. सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना के बाद इस वीडियो को हटा दिया गया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो को लेकर CPI(M) पार्टी और CPI की नेता एनी राजा ने हिमंता के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. एनी राजा ने अलग-अलग याचिका दायर करके असम के मुख्यमंत्री हिमंता के खिलाफ हेट स्पीच और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) गठित करने का अनुरोध भी किया है.  

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एनी राजा के वकील ने कोर्ट से मामले को तुरंत लिस्टेड करने की मांग करते हुए कोर्ट को बताया कि कई शिकायतें किए जाने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है. याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक विवादों का मंच बनाए जाने से बचा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 

समस्या ये है कि जब चुनाव आते हैं तो उनका एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है.

उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि इस मामले को सुनवाई के लिए कब लिस्ट किया जा सकता है. कम्युनिस्ट पार्टियों की याचिका से एक दिन पहले सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने भी हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में हिमंता बिस्वा सरमा के कथित मुस्लिम विरोधी बयानों का हवाला दिया गया है.

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वीडियो: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने मुस्लिम प्रवासियों, राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति पर क्या बोल गए?

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