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समय रैना का केस खारिज, तारीफ भी मिली, लेकिन कोर्ट ने 3 लाख का जुर्माना क्यों ठोक दिया?

Supreme Court ने Samay Raina समेत अन्य चारों Comedians पर दर्ज Criminal Case को रद्द कर दिया है. SC ने समय की ओर से किए जाने वालों जरूरी प्रयासों की भी 'तारीफ' की.

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SC ने समय रैना के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस को रद्द किया. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन्स के खिलाफ विकलांग लोगों पर आपत्तिजनक कमेंट के मामले में दर्ज क्रिमिनल केस को खारिज करते हुए उनके ऊपर 3-3 लाख रुपये जुर्माना लगाया।
  • यह मामला 'इंडियाज गॉट टैलेंट' के एक एपिसोड में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के वायरल होने के बाद क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन द्वारा केस दर्ज करने के कारण शुरू हुआ था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना लगाने के साथ आगे सुनवाई जारी रखने और विकलांग लोगों के सुझावों के आधार पर कंटेंट पर नियंत्रण के निर्देश देने की योजना बनाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 14 अगस्त को कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना के खिलाफ दर्ज हुए क्रिमिनल केस को खारिज कर दिया. समय रैना के साथ 4 और कॉमेडियन्स को भी इस केस से राहत मिली है. पांचों कॉमेडियन्स पर विकलांग लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट करने का आरोप था. इसे लेकर क्रिमिनल केस तो खारिज हो गए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अदालत के निर्देशों का सही से पालन न करने की वजह से समय रैना समेत पांचों कॉमेडियन्स पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.  

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सुप्रीम कोर्ट ने की ‘तारीफ’

मामले की सुनवाई भारत के चीफ जस्टिस(CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की बेंच कर रही थी. समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली, आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ मामला चल रहा था. इन पांचों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. Bar And Bench की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 14 अगस्त को केस की सुनवाई करते हुए समय रैना और अन्य कॉमेडियन्स की उन कोशिशों की तारीफ की, जिसमें उन्होंने विकलांग लोगों के हित के लिए शो ऑर्गेनाइज करने की पहल की थी. बेंच ने कहा,

जब एक बार सच्ची कोशिश होती है तो उसके पॉजिटिव नतीजे जरूर मिलते हैं. वे बहुत होशियार युवा हैं. अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू कर दिया है तो नतीजा पॉजिटिव मिलेगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने समय समेत अन्य चारों कॉमेडियन्स के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस को रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. हालांकि, इस मामले में पर आगे भी सुनवाई की जाएगी. इन सुनवाइयों में विकलांग लोगों के सुझावों पर विचार किए जाएंगे कि इस तरह के कॉन्टेंट पर कैसे नजर रखा जाए. साथ ही इससे जुड़े बड़े मुद्दों पर सही निर्देश कैसे बनाए जाएं.  

मामला कैसे शुरू हुआ?

दरअसल, समय रैना अन्य कॉमेडियन्स के साथ ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ नाम का एक शो करते हैं. इस शो के पहले सीजन के एक एपिसोड में उन्होंने विकलांग लोगों पर आपत्तिजनक कमेंट किया था, जिसके वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया. शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) के इलाज में होने वाले ज्यादा खर्च पर आपत्तिजनक कमेंट किए गए थे. इसके बाद क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन नाम के एक NGO ने समय समेत चारों कॉमेडियंस पर क्रिमिनल केस कर दिया.  

NGO से कांटेक्ट नहीं 

नवंबर 2025 में भी इस मामले में सुनवाई हुई थी. इसमें पांचों कॉमेडियंस को विकलांग लोगों के लिए फंड जमा करने और महीने में कम से कम दो शो ऑर्गेनाइज करने का निर्देश दिया था. साथ ही विकलांग लोगों को प्रोग्राम में शामिल करने को भी कहा. हालांकि, NGO ने बताया कि समय की ओर से ऐसे किसी काम के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है. वहीं, समय के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विकलांग लोगों के लिए शो के जरिए करीब 9 लाख रुपए जमा किए गए थे. 

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इसके साथ ही समय ने विकलांग लोगों को शो में बुलाया भी था. वो आगे NGO से भी कॉन्टैक्ट करेंगे. इन सबके इतर सुप्रीम कोर्ट ने समय की ओर से पहले दिए गए निर्देशों को सही से पालन न करने पर आपत्ति जताई. इसके एवज में समय समेत अन्य पर 3 लाख का जुर्माना लगाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी भी दी कि अगर आगे भी किसी निर्देश का उल्लंघन किया तो और ज्यादा जुर्माना भरना पड़ेगा.

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