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SSC की परीक्षा में कई सेंटरों पर गड़बड़ी, अब चेयरमैन ने खुद बताया दिक्कत कैसे हुई

स्टूडेंट्स SSC का एग्जाम देने पहुंचे तो किसी एग्जाम सेंटर पर जितने लोगों की बैठने की व्यवस्था थी उससे दोगुने स्टूडेंट्स पहुंच गए. उन्हें कम्प्यूटर सिस्टम ही नहीं मिला. कहीं बिना पूर्व सूचना के अचानक एग्जाम ही कैंसिल कर दिया गया. गोरखपुर में एक सेंटर पर तो स्टूडेंट्स को एंट्री ही नहीं मिली.

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एसएससी की परीक्षा कैंसिल होने और तमाम अव्यवस्थाओं के बीच कैंडिडेट्स को भारी परेशानी उठानी पड़ी (PHOTO-India Today)

SSC GD की परीक्षा देने पहुंचे स्टूडेंट सोच रहे थे कि पेपर देंगे, बढ़िया नौकरी लगेगी. लेकिन उत्तर प्रदेश के कुछ परीक्षा केंद्रों पर जो हाल मिला, उसने स्टूडेंट्स का ही माथा घुमा दिया. कहीं कंप्यूटर कम पड़ गए, कहीं बैठने की जगह नहीं मिली, तो कहीं बिना बताए परीक्षा ही रद्द कर दी गई. अब इस पूरे मामले पर SSC यानी स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन एस. गोपालकृष्णन का बयान आया है. चेयरमैन ने भी माना है कि व्यवस्था गड़बड़ा गई थी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक नहीं हुआ था, लेकिन सर्वर हैक करने की कोशिश हुई थी.

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दरअसल स्टूडेंट्स एग्जाम देने पहुंचे तो किसी एग्जाम सेंटर पर जितने लोगों की बैठने की व्यवस्था थी, उससे दोगुने स्टूडेंट्स पहुंच गए. उन्हें कम्प्यूटर सिस्टम ही नहीं मिला. कहीं बिना पूर्व सूचना के अचानक एग्जाम ही कैंसिल कर दिया गया. गोरखपुर में एक सेंटर पर तो स्टूडेंट्स को एंट्री ही नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने जमकर बवाल किया.

कई शहरों में अव्यवस्था

ऐसा नहीं है कि ये मामले एक्का-दुक्का हों. पेपर में अव्यवस्था का मामला प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहरों से सामने आया. सबसे ज्यादा चर्चा प्रयागराज के उस सेंटर की हुई, जहां क्षमता से लगभग दोगुने स्टूडेंट पहुंच गए. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गंगापार इलाके के अंदावा में सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय के आईटेक जोन को SSC GD परीक्षा का सेंटर बनाया गया था. यहां परीक्षा कराने की जिम्मेदारी बेंगलुरु की कंपनी एडूक्विटी कैरियर टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी.

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पेपर कैंसिल होने से स्टूडेंट्स अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं (PHOTO-India Today)
कई सेंटरों पर दिखा गड़बड़झाला

प्रयागराज सेंटर पर एग्जाम के लिए कुल 650 कंप्यूटर थे. दूसरी शिफ्ट में वहां 505 स्टूडेंटों को बुलाया जाना था. लेकिन वहां 1035 स्टूडेंट पहुंच गए. तीसरी शिफ्ट में 495 की जगह 1034 कैंडिडेट्स का सेंटर इसी जगह डाल दिया गया. यानी जितनी कुर्सियां थीं उससे कहीं ज्यादा लोग पहुंच गए. अब कंप्यूटर तो आसमान से टपकने थे नहीं. नतीजा ये हुआ कि कई स्टूडेंट्स को सिस्टम ही नहीं मिला. कुछ बाहर खड़े रहे और कुछ अंदर जाने के लिए भिड़ते रहे.

गोरखपुर में भी अलग ही सीन देखने को मिला. वहां एक एग्जाम सेंटर पर स्टूडेंट्स को एंट्री तक नहीं दी गई. इसके बाद स्टूडेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा हुआ. कई जगहों पर कैंडिडेट्स ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई. लोग दूर-दूर से सफर करके पहुंचे थे, होटल बुक किए, पैसे खर्च किए, लेकिन सेंटर पहुंचकर पता लगा कि एग्जाम तो होगा ही नहीं.

SSC के चेयरमैन ने क्या कहा है?

अब SSC चेयरमैन एस. गोपालकृष्णन ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक नहीं हुआ था. लेकिन ऑनलाइन परीक्षा सिस्टम को हैक करने और दूर बैठकर जवाब दिलाने जैसी कोशिशें लगातार हो रही थीं. उनके मुताबिक सिस्टम में संदिग्ध गतिविधियां पकड़ में आने के बाद कई कंप्यूटर टर्मिनल बंद करने पड़े. यानी जिन कंप्यूटरों पर परीक्षा होनी थी उनमें से कुछ को सुरक्षा वजहों से बंद कर दिया गया. इससे अचानक सीटें कम हो गईं. 

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हजारों स्टूडेंट्स का एग्जाम दोबारा शेड्यूल कराना पड़ा. लेकिन यहां भी गड़बड़ी हो गई. SSC ने जिन स्टूडेंट्स का एग्जाम री शेड्यूल किया, उन्हें अलग-अलग दिनों में बांटने के बजाय सिर्फ दो दिनों में बुला लिया. इससे कई केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई और अफरा-तफरी मच गई. चेयरमैन ने ये माना कि स्थिति संभालने में गलती हुई. उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ परीक्षा एजेंसी ही नहीं बल्कि आयोग की भी जिम्मेदारी बनती है. यानी SSC ने भी माना कि सिस्टम फेल हुआ है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि निजी परीक्षा एजेंसी पर नियमों के मुताबिक जुर्माना लगाया जाएगा.

SSC के मुताबिक, देशभर में लगभग 46 लाख कैंडिडेट SSC GD का एग्जाम दे रहे हैं. एग्जाम 30 अप्रैल से शुरू हुआ था और 31 मई तक तीन शिफ्ट में चल रहा है. आयोग का कहना है कि देशभर के करीब 250 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सामान्य तरीके से हुई और दिक्कत सिर्फ उत्तर प्रदेश के कुछ केंद्रों तक सीमित रही. हालांकि जिन स्टूडेंट्स के साथ गड़बड़ी हुई, उनके लिए ये ‘कुछ केंद्रों’ वाली बात ज्यादा मायने नहीं रखती. क्योंकि कई अभ्यर्थी ऐसे थे जो गांवों और छोटे शहरों से कई घंटे का सफर करके पहुंचे थे. किसी ने बस पकड़ी, किसी ने ट्रेन. कई लोग पहली बार ऑनलाइन परीक्षा देने जा रहे थे. लेकिन सेंटर पहुंचने पर उन्हें पता लगा कि सिस्टम ही नहीं है या परीक्षा रद्द हो गई है.

कम से कम 3 हजार कैंडिडेट्स प्रभावित

SSC चेयरमैन ने कहा है कि तीन हजार से कम कैंडिडेट प्रभावित हुए हैं और सभी को 31 मई से पहले दोबारा एग्जाम देने का मौका दिया जाएगा. साथ ही प्रयागराज के उस विवादित सेंटर को आगे की परीक्षाओं से हटाने पर भी विचार किया जा रहा है.

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