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एक ही मकान में 233 वोटर! हिंदू-मुस्लिम-सिख सब शामिल, गोरखपुर की SIR लिस्ट पर बवाल

UP SIR List Error: मामला गोरखपुर जिले दिग्विजयनगर इलाके के बूथ संख्या 260 से जुड़ा है. जहां मकान नंबर 617 पर मतदाता सूची में 378 से 610 नंबर तक कुल 233 नाम दर्ज हैं.

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गोरखपुर में SIR के दौरान कुल 6.45 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से गायब पाए गए हैं. (फोटो- PTI)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के आंकड़े लोगों को हैरान कर रहे हैं. चुनाव आयोग द्वारा 6 जनवरी 2026 को जारी इस ड्राफ्ट लिस्ट में कई चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं. खास तौर पर महानगर के वार्ड नंबर 16 में. यहां एक ही मकान नंबर पर 233 वोटर्स के नाम दर्ज पाए गए हैं. इनमें हिंदू, मुस्लिम, सिख समेत विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं, जो अलग-अलग परिवारों से हैं.

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला गोरखपुर जिले दिग्विजयनगर इलाके के बूथ संख्या 260 से जुड़ा है. जहां मकान नंबर 617 पर मतदाता सूची में 378 से 610 नंबर तक कुल 233 नाम दर्ज हैं. इनमें जावेद, रज्जाक, सुदर्शन सिंह, गरिमा सिंह, महफूज, हाशमी, शहनवाज जैसे कई नाम शामिल हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ये स्पष्ट रूप से तकनीकी या डेटा एंट्री की गलती है, क्योंकि एक ही मकान में इतने सारे लोग नहीं रह सकते.

स्थानीय पार्षद ने क्या बताया?

स्थानीय बीजेपी पार्षद ऋषि मोहन बर्मा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूची में भारी गड़बड़ी है. उन्होंने बताया कि मकान नंबर 617 की कोई बिल्डिंग जनप्रिय विहार कॉलोनी में मौजूद नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक ये समस्या 2003 की पुरानी मतदाता सूची में भी थी, जब 550 से ज्यादा नाम इसी तरह दर्ज थे. पार्षद ने कहा कि SIR के दौरान गणना फॉर्म भरवाए गए और फीडिंग कराई गई, लेकिन गलतियां सुधारने का मौका चूक गया. अब मतदाताओं को दोबारा इसे ठीक कराना होगा.

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बता दें कि गोरखपुर में SIR के दौरान कुल 6.45 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से गायब पाए गए हैं. कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने 2022 और 2024 के चुनावों में वोट दिया था, लेकिन अब उनका नाम कट गया है. पार्षद बर्मा ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि सटीक और सही मतदाता सूची तैयार करे, ताकि शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने का आंकड़ा तो आयोग हमेशा दिखाता है, लेकिन सही वोटर लिस्ट के बिना ये संभव नहीं है.

फिलहाल, दावे-आपत्तियों के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक समय दिया गया है. इस दौरान मतदाता गणना फॉर्म भरकर इसमें बदलाव कराया जा सकता है. बीजेपी पार्षद ने बताया कि वो घर-घर जाकर कैंप लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और संशोधन के लिए फॉर्म भरने की सलाह दे रहे हैं. ये पूरा मामला मतदाता सूची की सटीकता पर सवाल उठा रहा है, खासकर तब जब पूरे उत्तर प्रदेश में SIR के बाद लगभग 2.89 करोड़ नाम कटे हैं और कई जिलों में भारी कमी दर्ज की गई है.

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