शरद पवार की पार्टी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी - शरद पवार (NCP-SP) ने अपने सभी प्रवक्ताओं को उनके पद से हटा दिया है. 4 अगस्त की रात प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने एक प्रेस नोट जारी किया है. प्रेस नोट में उन्होंने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटाए जाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि जब तक नई नियुक्तियां नहीं हो जातीं तब तक पूर्व MLC विद्या चव्हाण और पार्टी नेता महेश तपासे पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर काम करेंगे.
शरद पवार की पार्टी ने क्यों लिया ये फैसला? कल रात प्रवक्ताओं की पूरी टीम हटा दी
NCP-SP के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने 4 अगस्त की रात एक प्रेस नोट जारी किया. प्रेस नोट में उन्होंने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटाए जाने की बात कही है. इसकी वजह भी पता लगी है.

इन प्रवक्ताओं को ऐसे समय हटाया गया है जब NCP-SP लगातार बदलावों से गुजर रही है. बीते दो हफ्तों में NCP-SP ने संगठन में कई बदलाव किए हैं. हाल ही में, शशिकांत शिंदे ने सुशील बोर्दे को पार्टी के स्टूडेंट विंग का अध्यक्ष, विशाल वाकडकर को यूथ विंग अध्यक्ष और राम राठौड़ को टीचर्स सेल का अध्यक्ष नियुक्त किया है. और अब संगठन में किए जा रहे बदलावों का दायर पार्टी के प्रवक्ताओं तक भी बढ़ा दिया गया है.
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?ये फैसला प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे के स्टेट टूर के बाद हुआ है. इन दिनों शशिकांत शिंदे पार्टी के कामकाज और संगठन के ढांचे की समीक्षा करने के लिए पूरे राज्य के दौरे पर हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कई प्रवक्ता, पार्टी की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. प्रवक्ता उस तरह से पार्टी का पक्ष नहीं रख पाए जैसा पार्टी चाहती थी. यही वजह रही कि पार्टी ने पूरे पैनल को ही बदलने का फैसला ले लिया. जाहिर है इस फैसले में पार्टी सुप्रीमो शरद पवार की भी हामी रही होगा. शशिकांत शिंदे ने उन्हें भरोसे में लेकर ही फैसले लिए.
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उधर, NCP-SP के सत्ताधारी NDA में शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है. लेकिन इसे लेकर NCP-SP को अपने ही लोगों के बीच अलग-अलग विचारों का सामना करना पड़ रहा है.
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