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ब्रॉक लैसनर की कहानी, जिसने तोड़ा था अंडरटेकर का गुरूर!

Brock Lesnar Retirement: WWE में बीस्ट के नाम से मशहूर Brock Lesnar ने संन्यास का ऐलान कर दिया. 'द पैट मैकेफी शो' में Brock ने इमोशनल होकर अपने फैसले की जानकारी दी.

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10 बार के WWE चैंपियन ब्रॉक लेसनर ने संन्यास का ऐलान कर दिया. (फोटो-Getty Images)

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  • ब्रॉक लैसनर ने 4 अगस्त को द पैट मैकेफी शो में घोषणा की कि समरस्लैम में लड़ा गया हेल इन अ सेल मैच उनके प्रोफेशनल रेसलिंग करियर का आखिरी मुकाबला था और वे संन्यास ले रहे हैं।
  • लैसनर का रेसलिंग और कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सफर एक किसान के बेटे के रूप में शुरू हुआ, जिन्होंने साउथ डकोटा के फार्म और कठिन परिस्थितियों से उभरकर WWE और UFC में सफलता प्राप्त की।
  • ब्रॉक लैसनर ने संन्यास के बाद युवाओं को मेहनत पर जोर देने का संदेश दिया और रेसलिंग में अपनी जगह को यादगार बनाने के लिए समरस्लैम में अंतिम मैच खेला।

प्रोफेशनल रेसलिंग की दुनिया में कई दमदार रेसलर्स हुए. लेकिन, कुछ ही हुए जिनके नाम का खौफ होता था. ब्रॉक लैसनर (Brock Lesnar) एक ऐसा ही नाम था. रिंग में उनके कदम रखते ही सामने वाले की हवा टाइट हो जाती थी. लेकिन, जब यही खूंखार ‘द बीस्ट’ 4 अगस्त को द पैट मैकेफी शो में बैठा, तो उसकी आंखों में आंसू थे. गला रुंधा हुआ था. लैसनर ने भारी मन से बताया कि शनिवार उनके लिए रिंग में आखिरी दिन था. रिंग और उनका सफर यहीं खत्म होता है.

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49 साल की उम्र में लैसनर ने प्रोफेशनल रेसलिंग और कॉम्बैट स्पोर्ट्स से संन्यास ले लिया. समरस्लैम में लड़ा गया हेल इन अ सेल मैच उनके करियर का आखिरी मुकाबला बन गया. उनकी फिजिक को देखकर लगता था कि उन्हें किसी श‍ि‍ल्पकार ने तराशा हो. लेकिन, ब्रॉक किसी मजबूत फैमिली से नहीं आते थे. उनके पिता एक किसान थे. जेब में रुई लेकर निकला ये रेसलर कैसे रिंग तक पहुंचा? अंडरटेकर का गुरुर तोड़ा और 10 बार वर्ल्ड चैंपियन बना. उनका ये सफर काफी रोमांचक रहा है.

शुरुआत से ही आंखों में थे बड़े सपने

ब्रॉक लैसनर की कहानी मिट्टी से शुरू होती है. साउथ डकोटा के एक छोटे से फार्म में पले-बढ़े लैसनर ने अपने संन्यास के वक्त अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया. उन्होंने कहा,

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मैं साउथ डकोटा के एक किसान का बेटा था, जिसकी जेब में सिर्फ रुई भरी रहती थी. लेकिन मेरे सपने बहुत बड़े थे. दिल में जज्बा था. खुद को साबित करने की जिद थी. 

इसी जिद ने उन्हें साल 2000 में मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के लिए NCAA डिवीजन I नेशनल रेसलिंग चैंपियन बनाया. यहीं से शुरू हुआ उनका WWE का सफर.

द रॉक को कर दिया चित

WWE में एंट्री करते ही लैसनर ने तहलका मचा दिया. उन्हें द नेक्स्ट बिग थिंग कहा जाने लगा. 2002 का समरस्लैम आज भी रेसलिंग इतिहास के सबसे सुनहरों पन्नों में से एक है. अपने करियर के दूसरे ही साल में लैसनर का सामना उस वक्त के सबसे बड़े सुपरस्टार ड्वेन 'द रॉक' जॉनसन से हुआ. लेकिन, लैसनर ने अपने खौफनाक 'F-5' मूव से उन्हें चारों खाने चित कर दिया. इसी के साथ उन्होंने अपना पहला WWE वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट भी जीत लिया. वो रातों-रात सुपरस्टार बन गए. हालांकि, ये तो सिर्फ शुरुआत थी. आगे उन्होंने और बड़े कारनामे किए.

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अंडरटेकर की तोड़ दी विनिंग स्ट्रीक

ये वो दौर था, जब रेसलिंग की दुनिया में एक कहावत थी कि रेसलमेनिया (WrestleMania) में अंडरटेकर को कोई नहीं हरा सकता. 21 मैचों से अंडरटेकर अजेय थे. लेकिन, 2014 के रेसलमेनिया XXX में वो हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. ब्रॉक लैसनर ने अंडरटेकर की 21-0 की विनिंग स्ट्रीक को तोड़ दिया. जब रेफरी ने तीन तक गिना, तो पूरे स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया. लोगों के मुंह खुले के खुले रह गए. इस जीत ने लैसनर को इंसान से 'द बीस्ट इनकार्नेट' बना दिया.

असल फाइट में भी दिखाया दम

लैसनर सिर्फ WWE की स्क्रिप्टेड दुनिया के शेर नहीं थे. उन्होंने असल फाइट में भी अपना डंका बजाया. 2004 में उन्होंने अमेरिकन फुटबॉल NFL में भी हाथ आजमाया. वो मिनेसोटा वाइकिंग्स के लिए खेले. लेकिन, असली भौकाल उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स वाले UFC (Ultimate Fighting Championship) के ऑक्टागन में काटा. 2007 में MMA में कदम रखने वाले लैसनर ने 2008 में अपने चौथे ही मुकाबले में रैंडी कुट्योर को हराकर UFC हेवीवेट चैंपियनशिप जीत ली. उन्होंने साबित कर दिया कि वो सिर्फ टीवी के हीरो नहीं, बल्कि असल जिंदगी के सबसे खतरनाक फाइटर्स में से एक हैं.

युवाओं को भी दिया संदेश 

लेकिन, हर कहानी का एक अंत होता है. रेसलमेनिया में जब उभरते हुए स्टार ओबा फेमी ने उन्हें पटखनी दी, तो लैसनर समझ गए थे कि अब शरीर जवाब दे रहा है. उन्होंने उसी दिन रिंग में अपने बूट टांगने का मन बना लिया. लेकिन, बिजनेस और अंदर बची थोड़ी सी आग के चलते उन्होंने समरस्लैम में अपना आखिरी मुकाबला खेला.

जाते-जाते 'द बीस्ट' ने युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा,

आज सोशल मीडिया पर लोग खिलाड़ियों की सफलता देखते हैं. लेकिन, उसके पीछे की कड़ी मेहनत भूल जाते हैं. अगर बच्चे सिर्फ अपने काम पर फोकस करें और मेहनत करें तो कुछ भी असभंव नहीं है.

रेसलिंग की दुनिया में चैंपियन बहुत आएंगे, लेकिन अपनी ताकत से खौफ पैदा करने वाला दूसरा ब्रॉक लैसनर शायद ही कभी पैदा हो. 'द बीस्ट' का यह सफर हमेशा के लिए अमर हो गया है.

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