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'मुझसे कहा अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाओ', शख्स ने वाराणसी पहुंच पूरी कहानी सुनाई

Swami Avimukteshwaranand Saraswati: पीड़ित ने बताया कि आशुतोष पांडेय ने उसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूठा यौन शोषण केस दर्ज करने का लालच दिया. पीड़ित ने दावा किया कि जब उन्होंने मना कर दिया, तो धमकी दी गई. कब ये सब हुआ? कैसे उनसे संपर्क किया गया? सब बताया है.

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आशुतोष माहराज (दाएं) की शिकायत पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (बाएं) के खिलाफ FIR दर्ज हुई. (ITG)

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज यौन शोषण केस में नया मोड़ आया है. वाराणसी में उनके विद्या मठ आश्रम में शाहजहांपुर का एक शख्स पहुंचा, जिसने आरोप लगाया कि आशुतोष पांडेय यानी आशुतोष महाराज ने उसे शंकराचार्य पर झूठा आरोप लगाने के लिए धमकी दी थी. पीड़ित खुद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सामने पेश हुआ. शख्स ने कहा कि आशुतोष पांडेय ने शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए लालच दिया था.

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पीड़ित ने बताया कि आशुतोष पांडेय ने उनसे शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से मना करने पर धमकी भी दी थी. शाहजहांपुर से अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ आए पीड़ित ने कहा कि आशुतोष पांडेय ने उन्हें फोन करके यह आरोप लगाने के लिए कहा था कि वह अपनी तीन बेटियों के साथ वाराणसी के विद्या मठ आश्रम गए थे, जहां उनकी बेटियों का सेक्शुअल हैरेसमेंट हुआ था. हालांकि, उन्होंने ऐसा कहने से मना कर दिया.

23 फरवरी को आजतक से जुड़े रोशन कुमार से बातचीत में खुद को पत्रकार बताने वाले पीड़ित ने बताया,

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"हम दंडी संन्यासी परिवार से संबंध रखते हैं. आशुतोष पांडेय के कुछ लोग हमारे पास आए. उन्होंने मेरे पिता दंडीस्वामी आत्मानंद का नाम लेते हुए हालचाल जाना और कहने लगे कि अगर तुम मेरी बात मानोगे तो आर्थिक मदद करेंगे. उन लोगों ने अपने फोन से वॉट्सऐप कॉल के जरिए मेरी बात आशुतोष पांडेय यानी आशुतोष महाराज से कराई. चूंकि मेरी पहले भी कई बार आशुतोष पांडेय से मुलाकात हो चुकी है, इसलिए मैंने उनकी आवाज पहचान ली. आशुतोष पांडेय ने कहा कि आप अपनी बेटियों को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद और उनके लोगों पर यह आरोप लगाओ कि उनके वाराणसी आश्रम में तुम्हारी बेटियों के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट हुआ है. इसके लिए तुम्हें कहीं जाने की भी जरुरत नहीं है. सिर्फ एक शपथपत्र पर हस्ताक्षर करके देना है."

उन्होंने आगे बताया,

"मैंने मना किया, तो आशुतोष पांडेय ने धमकी दी कि मैं वही आशुतोष पांडेय हूं. मेरे पास और भी बहुत रास्ते है. जब 2-3 दिनों से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में मैंने देखा तो घबरा गया कि कहीं मेरे नाम का तो दुरुपयोग तो नहीं किया गया है. इसलिए मैं वाराणसी आश्रम में अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने आ गया."

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पीड़ित ने अपनी सुरक्षा पर भी चिंता जाहिर की और आगे की कार्रवाई के लिए विचार करने की बात बताई. पीड़ित ने खुद सामने आकर दावे किए, तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी कहा कि उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

“इससे पता चल रहा है कि लोगों को मेरे खिलाफ लालच देकर खड़ा करने का प्रयास चल रहा है. गोहत्या के खिलाफ आवाज उठाने के कारण मेरे खिलाफ ये सबकुछ किया जा रहा है. शाहजहांपुर से आए परिवार को जान का खतरा है, जिसके लिए प्रार्थना भी की जाएगी. जब उन्होंने देखा कि मेरे खिलाफ POCSO एक्ट में मुकदमा दर्ज हो गया है, तो वे मिलने आए.”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा गया कि आपकी कथित सीडी का भी जिक्र किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि अगर कोई सीडी है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 'भाजपा हटाओ-सनातन बचाओ'. शंकराचार्य ने कहा कि सनातन की सबसे बड़ी दुश्मन तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ही है, खासकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अखिलेश यादव सही कह रहे हैं.

23 फरवरी को वेद पाठी छात्रों के साथ यौन शोषण के मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई. आशुतोष महाराज (आशुतोष ब्रह्मचारी) की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद यह FIR दर्ज हुई है.

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