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'वो नेपाल के प्रोटेस्ट से इंस्पायर्ड थे', AI समिट के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में क्या कहा?

AI Impact Summit Protest: दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की कस्टडी की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. साथ ही आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई.

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AI शिखर सम्मलेन के दौरान यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन. (फाइल फोटो-सोशल मीडिया)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) में 'शर्टलेस' विरोध प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की कस्टडी की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. साथ ही आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई. आरोपियों के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे विपक्षी दल से संबंध रखते हैं. 

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NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के भारत मंडपम में चल रही AI इम्पैक्ट समिट में शुक्रवार, 20 फरवरी को यूथ कांग्रेस नेताओं ने शर्ट उतार कर प्रदर्शन किया. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के तौर पर हुई है. 21 फरवरी को आरोपियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. 

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सरकारी वकील ने बताया कि आरोपियों ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए. उन्होंने जो टी-शर्ट पहन रखी थी, उस पर प्रधानमंत्री के खिलाफ मैसेज लिखे थे. पुलिस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं और प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए. फरार हुए अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए इनकी कस्टडी जरूरी है. पुलिस ने बताया कि तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और यह पता लगाने के लिए कि क्या उन्हें कोई चंदा मिला था, उनके (आरोपियों के) मोबाइल फोन बरामद करने होंगे. चार अलग-अलग जगहों से आए चार लोग एक साथ आए और उन्होंने टी-शर्ट छपवाईं. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच के लिए पांच दिन की कस्टडी जरूरी है.

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वहीं, आरोपियों के वकील ने बताया कि अभियुक्त एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं. उन्होंने बताया,

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उन्होंने विरोध करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया. विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. किसी भी वीडियो में हिंसा नहीं दिखाई दी. FIR महज एक राजनीतिक चाल है. वे शिक्षित हैं और उनके पास डिग्रियां हैं.

आरोपियों के वकील ने दलील दी कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे विपक्षी दल से संबंध रखते हैं. आगे कहा, 

उनकी बेरहमी से पिटाई की गई है और हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हिरासत में लेने का कोई ठोस कारण होना चाहिए. वे युवा हैं. उनका अपना करियर है और राजनीतिक असहमति को इस तरह कुचला नहीं जाना चाहिए. यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है जिसने नेपाल में हुए जन आंदोलन से प्रेरणा ली है. वो नारे लगा रहे थे और जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उन पर हमला कर दिया. इसमें तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए. उन्होंने कहा कि हम यह जांच करना चाहते हैं कि अलग-अलग राज्यों के ये चार लोग कैसे एक साथ आए? हमें फंडिंग की जांच करनी होगी. उनके टीशर्ट की छपाई के लिए उन्हें पैसा किसने दिया?

अदालत ने पुलिस से पूछा कि पांच दिन की हिरासत क्यों जरूरी है? इस पर पुलिस ने दावा किया कि इसमें गहरी साजिश है. अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए हैं और उचित जांच के लिए कस्टडी जरूरी है. इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी दे दी.

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