The Lallantop

भारत के 'Jeffery Epstein' रामभवन को पत्नी समेत फांसी की सजा, पीड़ित बच्चे आज तक सदमे में

आरोपी रामभवन सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर था. वह साल 2010 से 2020 तक उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट इलाके में नाबालिग बच्चों को निशाना बनाता था. बच्चों को बहलाने के लिए वह ऑनलाइन वीडियो गेम दिलाने या फिर पैसे या गिफ्ट देने जैसे तरीके अपनाता था.

Advertisement
post-main-image
आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी को फांसी की सजा सुनाई गई. (एक्स ग्रैब)

उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने रामभवन और दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है. ये दोनों नाबालिग बच्चों के अश्लील वीडियो डार्क वेब के जरिए इंटरनेशनल पोर्न इंडस्ट्री में बेचते थे. CBI ने 17 नवंबर 2020 को इनकी गिरफ्तारी की थी. इन पर 33 नाबालिग लड़कों के साथ यौन उत्पीड़न करने और उनका अश्लील वीडियो बनाने के आरोप साबित हुए हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

पॉक्सो कोर्ट ने रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को भारतीय दंड संहिता और POCSO एक्ट के तहत अलग-अलग अपराधों में फांसी की सजा सुनाई है. इनमें अप्राकृतिक यौन संबंध, गंभीर यौन उत्पीड़न, बच्चों का अश्लील सामग्री के लिए इस्तेमाल, बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का स्टोरेज, उकसाना और आपराधिक साजिश जैसे मामले शामिल हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रामभवन सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर था. कोर्ट ने सरकार को हरेक पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने और दोषी दंपती के घर से जब्त की गई नकदी भी पीड़ितों के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया है.

Advertisement

उसने साल 2010 से 2020 तक बांदा और चित्रकूट में नाबालिग बच्चों को निशाना बनाया. बच्चों को बहलाने के लिए वह ऑनलाइन वीडियो गेम दिलाने या फिर पैसे या गिफ्ट देने जैसे तरीके अपनाता था. CBI ने जांच के दौरान रामभवन के घर से 8 लाख कैश, 12 मोबाइल, दो लैपटॉप, हार्ड डिस्क और 6 पेनड्राइव बरामद किए थे.

सीबीआई ने साल 2020 में आरोपी रामभवन और दूसरे अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण, बच्चों का अश्लील सामग्री के लिए इस्तेमाल और इंटरनेट पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री बनाने और प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया था. जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने 33 नाबालिग बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न किया और उनके वीडियोज बनाए. इनमें से कुछ की उम्र केवल तीन साल थी.

जांच में यह भी पता चला कि कुछ पीड़ितों के साथ यौन हिंसा के दौरान उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट आई थी. रिपोर्ट के मुताबिक यौन हिंसा से पीड़ित ये बच्चे आज भी मेंटल ट्रॉमा से जूझ रहे हैं.

Advertisement

सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता बरती और काउंसलिंग की मदद से उनकी भावनात्मक स्थिति का ध्यान रखा. एजेंसी फॉरेंसिक एक्सपर्ट, बाल यौन शोषण से निपटने वाले मेडिकल प्रोफेशनल्स और बाल संरक्षण के लिए काम करने वाले अधिकारियों के लगातार संपर्क में रही. इस दौरान डिजिटल सबूतों के संरक्षण का भी खास ख्याल रखा गया. जांच पूरी होने के बाद CBI ने साल 2021 में रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती के खिलाफ चार्जशीट दायर की. साल 2023 में उन पर आरोप तय किए गए.

पॉक्सो कोर्ट ने आरोपियों के अपराध को रेयरेस्ट ऑफ रेयर बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा असाधारण और जघन्य अपराध है जिसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कठोरतम न्यायिक दंड देना अनिवार्य है.

वीडियो: दिल्ली में तीन नाबालिगों ने 6 साल की बच्ची के साथ किया रेप, दो आरोपी गिरफ्तार

Advertisement