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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार कोई भारतीय अधिकारी पाकिस्तान पहुंचा

Alok Dimri Islamabad visit SCO meeting: सोमवार, 28 सितंबर से इस्लामाबाद में SCO की बैठक शुरू हुई है. इसमें भारत की अगुआई विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेकेट्ररी और भारत के SCO को-ऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं.

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भारत के सीनियर अधिकारी SCO की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद जाएंगे. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के डेढ़ साल बाद पहली बार भारतीय एडिशनल सेक्रेटरी आलोक डिमरी को SCO की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तान भेजा है, जो 28 से 30 सितंबर तक इस्लामाबाद में चल रही है।
  • भारत ने यह कदम अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और मई में ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य टकराव के बाद लिया है, ताकि द्विपक्षीय बातचीत के बिना बहुपक्षीय मंच पर अपने हितों की रक्षा कर सके।
  • आलोक डिमरी की उपस्थिति से भारत SCO में फैसले लेने की प्रक्रिया में सक्रिय रहेगा और पाकिस्तान को एकतरफा निर्णय लेने से रोक सकने के साथ आतंकवाद, कनेक्टिविटी और व्यापार जैसे मुद्दों पर अपना पक्ष रख सकेगा।

ऑपरेशन सिंदूर के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार भारत सरकार का कोई अधिकारी पाकिस्तान भेजा गया है. नाम है आलोक डिमरी. वह SCO की बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद में हैं. सोमवार, 28 सितंबर से इस्लामाबाद में SCO की मीटिंग शुरू हुई है, जो 30 सितंबर तक चलेगी.

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आलोक डिमरी विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी हैं. वे पाकिस्तान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे हैं. पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में SCO के कार्यक्रमों, आगामी बैठकों की तैयारियों और संगठन से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा हो रही है.

भारत ने साफ किया है कि पाकिस्तान में SCO की बैठक में शामिल होकर वो सिर्फ संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगा और उन्हें लेकर अपनी भागीदारी जारी रखेगा. मगर दोनों देशों के बीच अलग से द्विपक्षीय बातचीत नहीं होगी. इंडिया टुडे से जुड़े मंजीत नेगी की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया,

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यह कोई द्विपक्षीय दौरा नहीं है. न ही इस दौरान कोई द्विपक्षीय बैठक तय है. प्रतिनिधिमंडल सिर्फ SCO कार्यक्रम के लिए वहां जा रहा है.

क्यों भेजा डिमरी को पाकिस्तान?

रिपोर्ट के मुताबिक, आलोक डिमरी की मौजूदगी से भारत SCO में फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल रह सकता है. इस्लामाबाद को एक तरफा फैसले लेने से रोक सकता है. द्विपक्षीय बातचीत फिर से शुरू किए बिना कई मुद्दों पर अपना पक्ष रख सकता है. जैसे कि कनेक्टिविटी, आतंकवाद-विरोधी उपाय और व्यापार. सरकार का तर्क है कि दोनों देशों के आपसी संबंधों में सुधार के बजाय बहुपक्षीय व्यावहारिक दृष्टिकोण है.

अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले, फिर मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए सैन्य टकराव के बाद भारत ने कहा था, ‘आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते.’

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2024 में विदेश मंत्री गए थे पाकिस्तान

उरी, पुलवामा की घटनाओं के बाद भी पाकिस्तान में होने वाली SCO बैठकों में भारत शामिल होता रहा है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर अक्टूबर 2024 में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद गए थे. वे करीब 9 साल बाद पाकिस्तान जाने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री थे. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान 2027 के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को भी न्योता भेजा जा सकता है.  

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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है. इसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान किर्गीजस्तान और ताजिकिस्तान ने मिलकर की थी. 2017 में भारत और पाकिस्तान इससे जुड़े. 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस भी इसका सदस्य बन गया.

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