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सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे 3 नए जज, कॉलेजियम ने जिन नामों की सिफारिश की उनका प्रोफाइल भी जान लें!

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन जजों को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है. गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली HC के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना HC के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का नाम केंद्र के पास भेजा गया.

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जस्टिस अपरेश सिंह, जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस सुनीता अग्रवाल (बाएं से दाएं) को SC का जज बनाने की सिफारिश.

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  • सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाईकोर्ट के तीन मुख्य न्यायाधीशों जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट के जज बनाने की सिफारिश की।
  • यह सिफारिश प्रमुख न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाले कोलेजियम द्वारा की गई है, जिसमें चार और वरिष्ठ जज भी शामिल थे, और सरकार से मंजूरी मिलना आवश्यक है।
  • अगर सरकार मंजूरी देती है तो सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 37 हो जाएगी और महिला जजों की संख्या दो हो जाएगी, साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से आने वाले जजों की संख्या भी बढ़ेगी।

भारत के सुप्रीम कोर्ट को तीन नए जज मिलने वाले हैं. सीजेआई सूर्यकांत की अगुआई वाले कोलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है. इस कोलेजियम में सीजेआई के अलावा जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीएस नरसिम्हा भी शामिल हैं. जिन तीन जजों के नामों की सिफारिश की गई है, उसमें जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं. 

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जस्टिस सुनीता अग्रवाल गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हैं. जुलाई 2023 में उनकी यहां नियुक्ति हुई थी. वह 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की जज नियुक्त की गई थीं.

जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय जनवरी 2025 से दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं. इससे पहले वह बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं.

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जस्टिस अपरेश कुमार सिंह जुलाई 2025 से तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं. इससे पहले अप्रैल 2023 में वो त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे.

केंद्र सरकार देगी मंजूरी

तीनों जजों को सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की सिफारिश केंद्र सरकार के पास भेजी गई है. अगर इस सिफारिश को मंजूरी मिल जाती है तो सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या 37 हो जाएगी. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में जजों की अधिकतम संख्या 38 हो सकती है. यानी तीनों की नियुक्तियों के बाद भी सर्वोच्च अदालत में एक सीट खाली रहेगी. वहीं, जस्टिस सुनीता अग्रवाल के सुप्रीम कोर्ट पहुंचते ही यहां महिला जजों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी. 

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के चार जज

जस्टिस सुनीता और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. दोनों नवंबर 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज बने थे. सुप्रीम कोर्ट में उनके आने के बाद यहां इलाहाबाद हाईकोर्ट से आने वाले जजों की संख्या भी बढ़कर 4 हो जाएगी. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में मौजूद जज जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस मनोज मिश्रा ने अपना ज्यूडिशियल करियर इलाहाबाद हाईकोर्ट से ही शुरू किया था. जस्टिस विक्रम नाथ फरवरी 2026 में सीजेआई सूर्यकांत के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे.

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