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IAS की नौकरी छोड़ने वाली दिव्या मित्तल का ऐलान- 'पॉलिटिक्स करेंगे लेकिन...'

former IAS Divya Mittal Video: पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने सिविल सर्विस छोड़ने के बाद का अपना प्लान बता दिया है. उन्होंने लोगों से उनके साथ जुड़ने की अपील की है.

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मित्तल ने 13 साल बाद IAS से इस्तीफा दिया है. (Courtsey-इंडिया टुडे)

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  • पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने सिविल सर्विस से इस्तीफा देने के बाद स्वतंत्र रूप से राजनीति में सक्रिय होने की घोषणा की है, बिना किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हुए।
  • दिव्या मित्तल का यह कदम प्रमुख रूप से शिक्षा, रोजगार व पेपर लीक सहित भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यशैली से जुड़ी समस्याओं के कारण प्रेरित है।
  • दिव्या मित्तल की यह घोषणा उत्तर प्रदेश से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू करने और व्यापक जन समर्थन जुटाने की योजना के रूप में सामने आई है।

सिविल सर्विस से इस्तीफा देने वाली पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने ऐलान किया है कि वो अब पॉलिटिक्स करेंगीं. हालांकि, वो किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी. एक वीडियो जारी कर दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति में उनकी प्राथमिकता शिक्षा, साफ-सुथरी परीक्षाएं और रोजगार जैसे मुद्दे होंगे. मंगलवार, 29 सितंबर को उन्होंने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर वीडियो रिलीज कर ये जानकारी दी. लगभग 10 मिनट लंबे वीडियो में दिव्या मित्तल ने कहा कि जब उन्होंने इस्तीफा दिया तो लोगों के मन में काफी सवाल थे कि वो आगे क्या करेंगी. अपनी योजना के बारे बताते हुए उन्होंने आगे कहा,

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मुझे अब उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी आवाज किसी दफ्तर तक नहीं पहुंच पाती. अगर पहुंच भी जाए तो सुनी नहीं जाती.

पेपर लीक, AI पर की बात 

दिव्या मित्तल ने अपनी सर्विस के वक्त का एक किस्सा सुनाया, जब वो मिर्जापुर के लहुरियादह इलाके में निरीक्षण के लिए गई थीं. उन्होंने कहा कि वहां उन्हें एक महिला मिली थी. उसने मांग की थी कि उसके इलाके में 5वीं क्लास से आगे की पढ़ाई के लिए भी स्कूल होना चाहिए. मित्तल ने बताया कि उन्होंने स्कूल के लिए मंजूरी दे दी थी लेकिन तीन साल बाद भी इस बारे में कुछ नहीं हुआ क्योंकि (सरकार का) इरादा ही नहीं था. दिव्या मित्तल ने प्रदेश में सड़कों की खराब हालत पर भी बात की. उन्होंने कहा,

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हजारों गांवों में आज भी सड़क नहीं है. नदी है तो पुल नहीं है. बरसात में गांव टापू बन जाता है. सड़क है तो उस पर गड्ढे हैं.

दिव्या मित्तल ने पेपर लीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण लोगों की जा रही नौकरियों के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार की लड़की होने के नाते उन्हें शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का मौका मिला लेकिन आज के बच्चों के लिए क्या वादा है? वो सालों तक मेहनत करते हैं. तैयारी करते हैं. फिर फैसला किसी अदालत में होता है. उनका इशारा पेपर लीक के बढ़ते मामलों की ओर था. 

उन्होंने आगे कहा, 

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“कोई किसान अपनी जमीन गिरवी रखकर अपने बेटे को इंजीनियर बनाता है. कोई मां अपने जेवर बेचकर अपनी बेटी को कोडिंग करा रही है. क्या उन्हें पता है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित है या नहीं? आज एआई आ रही है. हर नौजवान को इस बात का डर है. 

अधिकारी ने कहा-राजनीति बदलनी होगी

दिव्या मित्तल ने आगे वीडियो में कहा कि बच्चों का भविष्य जिस तरफ जा रहा है उसकी किसी को चिंता नहीं है. अब राजनीति बदलनी होगी. इरादे की, न्याय की, सोच की और फिक्र की राजनीतिक होगी. वो वाली राजनीति नहीं जो सिर्फ लोगों को गिनती है और सत्ता तक पहुंचना चाहती है.  

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पूर्व IAS अधिकारी ने कहा कि वो राजनीति करेंगी लेकिन किसी दल के साथ नहीं जाएंगी. वो लोगों के साथ मिलकर आगे तय करेंगी कि ये वाली राजनीतिक कैसे करनी है? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें डराने की कोशिश की थी लेकिन वो डरेंगी नहीं. वो सवाल पूछेंगी ताकि हर छोटी बच्ची अपने मन की बात कह सके. 

दिव्या मित्तल ने कहा,  

“मुझे लोगों से बनी हुई वो शक्ति चाहिए, जो लोगों के लिए ही हो.”

दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी ‘कर्मभूमि’ बताया. उन्होंने कहा कि वह इसी प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करना चाहती हैं. उन्होंने वीडियो के आखिर में लोगों से उनसे जुड़ने के लिए कहा. बता दें कि दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को सिविल सर्विस से इस्तीफे की घोषणा की थी.

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