आपने शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) रियलिटी शो देखा ही होगा. यहां देश भर से लोग अपने स्टार्टअप आइडियाज लेकर पैसा जुटाने आते हैं. तो कुछ लोग अपने आईडिया को इम्प्लीमेंट करने के लिए इन्वेस्टर की तलाश करते हैं. लेकिन कर्नाटक में एक कॉलेज स्टूडेंट ने अलग अप्रोच अपनाई. उसने फंड का इंतज़ार नहीं किया. उसके दिमाग में एक आईडिया आया और उसने तुरंत उसे इम्प्लीमेंट कर दिया. आज उसके स्टार्टअप का सालाना रेवेन्यू 10 लाख रुपये है.
टेलीग्राम पर 300 छात्रों से शुरुआत की, अब इस कॉलेज स्टूडेंट ने 10 लाख का स्टार्टअप खड़ा किया
हेमकेश कांतावाला ने 2023 में स्केलर अकादमी में एडमिशन लिया था और वो अभी भी कॉलेज स्टूडेंट हैं. कॉलेज के शुरूआती दिनों में उन्हें कुछ परेशानियां हुईं. और इसी परेशानी को उन्होंने मौका बना लिया. अब उनके स्टार्टअप का सालाना रेवेन्यू 10 लाख रुपये है.

हेमकेश कांतावाला ने 2023 में स्केलर अकादमी में एडमिशन लिया था और वो अभी भी कॉलेज स्टूडेंट हैं. कॉलेज के शुरूआती दिनों में उन्हें कुछ परेशानियां हुईं. और इसी परेशानी को उन्होंने मौका बना लिया. अपनी एक कम्युनिटी बनाई, टेलीग्राम पर चैनल बनाया और खड़ा किया अपना एम्पायर. वो ग्रेटर बेंगलुरु के रहने वाले हैं.
स्टार्टअप के शुरूआती दिनस्टार्टअप का नाम है डेल्टा एजुकेशन (Delta Education). और काम है कॉलेज के नए स्टूडेंट्स को गाइडेंस देना. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हेमकेश ने अपने दोस्त श्रीमय सोमानी के साथ मिलकर इसे खोला था. हेमकेश का दावा है कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने सालाना 10 लाख का रेवेन्यू जेनरेट किया था. और अब वो इसे बढ़ाने का सोच रहे हैं.
हेमकेश को ये आईडिया कैसे आया? स्केलर अकादमी का पहला बैच 2023 में आया था. यहां न्यू-ऐज टेक्नोलॉजी के बारे में पढ़ाया जाता है जिसमें AI की पढ़ाई भी शामिल है. इसकी शुरुआत IIIT हैदराबाद के दो पूर्व छात्रों ने की थी. हेमकेश इसके पहले बैच के छात्र थे.

शुरुआत में हेमकेश को तमाम सवालों का सामना करना पड़ा जैसे एडमिशन का प्रोसेस क्या है? पढ़ाई कहां से करनी है? फिर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर छात्रों ने इस बारे में आपस में बात की. इसके बाद टेलीग्राम पर एक कम्युनिटी चैनल बना, जिसमें 200-300 छात्र थे. धीरे-धीरे 700 छात्रों ने इसे ज्वाइन किया. तब हेमकेश को एक बात खटकी.
उन्हें दिखा एक मौका. उन्हें समझ में आ गया कि इंटरनेट पर किसी कॉलेज, यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम और इंटरव्यू के लिए कोई गाइडेंस मौजूद नहीं है. यही उनका आईडिया बन गया. इसी का कोर्स उन्होंने शुरू कर दिया.

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‘छोटे से शुरुआत करो’रिपोर्ट के मुताबिक, हेमकेश ने बताया कि 2024 में जब कंपनी की शुरुआत हुई थी तब उनके पास 50 पेइंग कस्टमर थे. टेलीग्राम के कई लोगों ने भी कोर्स खरीदा था. पहले साल में टोटल रेवेन्यू 2 लाख रुपये था. कंपनी के को-फाउंडर श्रीमय सोमानी के यूट्यूब पर पहले से 10,000 सब्सक्राइबर थे. इसलिए वीडियो कोर्स पहले उनके यूट्यूब चैनल पर लॉन्च किया गया. स्केलर की वेबसाइट पर भी डेल्टा एजुकेशन का नाम है. इसलिए स्टूडेंट्स आते गए और जुड़ते गए.
हेमकेश कहते हैं, ‘कोई परफेक्ट नहीं होता. आपको क्लास में सबसे स्मार्ट स्टूडेंट होने की ज़रूरत नहीं है. आप बस छोटे से आईडिया से शुरू कर सकते हैं. कॉलेज में आपको पीछे छूट जाने का डर (FOMO) भी होता है, मगर उसपर ध्यान नहीं देना है.’ कुल जमा हेमकेश की कॉलेज डिग्री अभी पूरी नहीं हुई है, मगर उनका बिज़नेस चल पड़ा है.
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