दुनिया में ऐसा कौन सा पेड़ है जो ऑक्सीजन नहीं छोड़ता? विज्ञान कहेगा कि पेड़ बिना ऑक्सीजन बनाए जिंदा ही नहीं रह सकता. लेकिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पास एकदम अलग जवाब है. उन्हें कम से कम तीन तो ऐसे पेड़ों के नाम याद हैं, जो ‘ऑक्सीजन गिवर’ नहीं हैं. बबूल, कीकर और सफेदा. ये वही पेड़ हैं, जो दिल्ली की सड़कों के किनारे लगाए गए हैं.
सफेदा, बबूल और कीकर के पेड़ ऑक्सीजन नहीं देते? सीएम रेखा गुप्ता का दावा कितना सही?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोशल मीडिया पर वायरल हैं. अपने एक बयान को लेकर, जिसमें उन्होंने कह दिया कि सफेदा, कीकर और बबूल के पेड़ ऑक्सीजन नहीं देते. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर फैला तो यूजर्स मुख्यमंत्री को ट्रोल करने लगे. इसमें सबसे आगे रही आम आदमी पार्टी.


ये बात हम अपनी ओर से नहीं कह रहे. मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में सबके सामने ये ‘फैक्ट’ बताया है. उनके इस बयान का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया खूब फैल रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में Innovative Technological Solutions यानी ‘नई तकनीकी से समाधान’ विषय पर एक प्रदर्शनी लगी थी. इस कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता भी गई थीं. भाषण भी दिया था. अब उनके इसी भाषण का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें सीएम रेखा गुप्ता को ये कहते हुए साफ सुना जा सकता है,
सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं सीएमदिल्ली की सड़कों के किनारे लगाए गए ज्यादातर पेड़... सफेदा, कीकर, बबूल जैसे पेड़ ऑक्सीजन देने वाले नहीं हैं.
अब दुनिया में कौन सा ऐसा पेड़ है जो ऑक्सीजन नहीं देता? कोई नहीं. यही वजह है कि सीएम सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगीं. ‘धुर विरोधी’ आम आदमी पार्टी वाले भी पीछे लग गए. ‘मीम-रील’ बनाकर सीएम रेखा गुप्ता का ‘मजाक’ बनाने लगे. दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर रेखा गुप्ता का ये वीडियो शेयर किया. लिखा,
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिर से वही किया. उनका कहना है कि सफेदा, बबूल और कीकर के पेड़ ऑक्सीजन नहीं देते. और भाजपा का कहना है कि वह (रेखा गुप्ता) दिल्ली के प्रदूषण को ठीक कर देंगी.
AAP ने बीजेपी की मुख्यमंत्री के बयान का मजाक उड़ाते हुए एक मीम से भरपूर वीडियो भी शेयर किया. इसमें सबसे पहले रेखा गुप्ता का बबूल-कीकर वाला बयान है. फिर वीडियो के अंत में एक जानकारी भी जोड़ी गई है. इसमें गूगल एआई से पूछा गया है कि क्या कीकर, बबूल और सफेदा के पेड़ ऑक्सीजन नहीं देते?
एआई ने इसका जवाब दिया,
नहीं, यह एक आम मिथक है. सभी हरे पौधे और पेड़, जिनमें कीकर, बबूल और सफेदा भी शामिल हैं, दिन के समय प्रकाश संश्लेषण यानी फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया से ऑक्सीजन बनाते हैं.
सौरभ भारद्वाज ने एआई से बना एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें यूकेलिप्टस और बबूल का पेड़ आपस में बातें कर रहे हैं. यूकेलिप्टस पूछता है कि भाई बबूल, CM रेखा गुप्ता के हिसाब से अगर हम ऑक्सीजन नहीं देंगे तो फिर क्या देंगे? बबूल जवाब देता है कि मैं तो धुआं देता हूं.
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?वैज्ञानिक भी यही मानते हैं कि दुनिया में ऐसा कोई पेड़ नहीं है, जो ऑक्सीजन न बनाता हो. ये हो सकता है कि कुछ पेड़ कम ऑक्सीजन रिलीज करते हों और कुछ ज्यादा. ‘वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम’ की वेबसाइट पर एक आर्टिकल में बताया गया है कि कोई पेड़ कितनी ऑक्सीजन पैदा करेगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है.
इसी में से एक चीज को लीफ एरिया इंडेक्स (Leaf Area Index) कहते हैं. यानी जितना ज्यादा किसी पेड़ में पत्तियां होंगी. उतनी ही ज्यादा उसके ऑक्सीजन बनाने की संभावना होगी. ऐसे में ये तो हो सकता है कि बबूल और कीकर का लीफ एरिया इंडेक्स कम हो और वो कम ऑक्सीजन देते हों. लेकिन ये बात बिल्कुल गलत है कि वो एकदम ही ऑक्सीजन नहीं देते.
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