श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) मिलने वाला है. 1 सितंबर को CEO चुनने के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने ट्रस्ट को तीन नामों की शॉर्टलिस्ट सौंपी. देश भर से कुल 5,585 आवेदन मिले थे, जिनमें रिटायर हो चुके IAS और IPS अधिकारी, ब्रिगेडियर और उससे ऊपर रैंक वाले सैन्य अधिकारी और गैर-सरकारी संगठनों से जुड़े पेशेवर शामिल थे. स्क्रीनिंग प्रोसेस के बाद तीन नामों को फाइनल किया गया. इन तीन कैंडिडेट्स में से किसी एक को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनने का मौका मिलेगा.
राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा पहला CEO, साढ़े पांच हजार में से फाइनल लिस्ट में पहुंचे तीन नाम
Ram Mandir Trust को सर्च कमेटी ने CEO पद के लिए तीन नामों की लिस्ट सौंंप दी है. अब ट्रस्ट तय करेगा कि इनमें से किसे राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया जाए.

मीडिया से बात करते हुए सर्च कमेटी के सदस्य रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट को सर्च कमेटी की रिपोर्ट सौंप दी गई है. इसमें तीन नामों का पैनल दिया गया है, जिसमें से ट्रस्ट का CEO चुना जाएगा. हालांकि, इन तीन नामों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.
तीन नामों में रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्सतीन फाइनल नामों में रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स की मजबूत दावेदारी है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, समिति के सचिव समीर पांडा ने कहा,
"विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर सर्च कमेटी ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट को तीन बहुत योग्य पेशेवरों के एक पैनल की सिफारिश की है. ये कैंडिडेट्स राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के तौर पर काम करने के लिए जरूरी संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता, ईमानदारी और दूरदर्शिता के उच्चतम स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "ट्रस्ट नियुक्ति के बारे में अंतिम फैसला करेगा और सही समय पर चुने गए उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगा."
इंडिया टुडे के समर्थ श्रीवास्तव की एक रिपोर्ट के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक 2 सितंबर को मणिराम दास छावनी में होनी है. इस बैठक में ट्रस्ट के कामकाज और मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े कई जरूरी फैसले लिए जाएंगे. वैसे तो रेगुलर बैठक शाम 4 बजे शुरू होगी, लेकिन उससे पहले एक स्पेशल बैठक हो सकती है, जिसमें खाली पदों के लिए नए सदस्यों को चुनने और CEO की नियुक्ति पर चर्चा की जाएगी.
जारी एजेंडे के मुताबिक, बैठक में ट्रस्ट के प्रवक्ता की नियुक्ति, सालाना हिसाब-किताब, मंदिर मैनेजमेंट और दर्शन व्यवस्था की समीक्षा और सुधार, और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल SIT रिपोर्ट पर चर्चा शामिल होगी.
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ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, डॉ. कृष्ण मोहन के जनरल सेक्रेटरी बने रहने की संभावना है. वे अभी अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे से दो पद खाली हो गए थे. इसके अलावा, ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से भी एक सीट खाली है. इसलिए, ट्रस्ट में तीन पदों के लिए नए सदस्यों का चयन अभी बाकी है.
CEO की पावर तय की जा सकती हैबैठक के एजेंडे में एक अहम मुद्दा ट्रस्ट डीड और ट्रस्ट के नियमों और कायदों में बदलाव का भी है. खबरों के मुताबिक, जनरल सेक्रेटरी यह संशोधन प्रस्ताव पेश करेंगे. प्रस्तावित बदलावों में जनरल सेक्रेटरी और नए CEO के बीच जिम्मेदारियों का साफ बंटवारा, CEO के अधिकार क्षेत्र, प्रशासनिक कमेटियों के साथ तालमेल और अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति और काम का बंटवारा जैसे मामले शामिल हो सकते हैं.
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