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राम मंदिर चंदा चोरी के 6 आरोपियों को इस एजेंसी ने हायर किया, SBI पर प्रेशर था: रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में एक नया खुलासा हुआ है. चोरी के आरोप में गिरफ्तार 8 लोगों में से 6 लोग वाराणसी की एक सिक्योरिटी एजेंसी से हायर किए गए थे. इस एजेंसी ने 19 लोगों को कैश काउंटिंग टीम में भेजा था.

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. (इंडिया टुडे)

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  • अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान पता चला कि 8 आरोपियों में से 6 वाराणसी की सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज एजेंसी के कर्मचारी थे, जिन्हें SBI की अयोध्या शाखा ने कैश गिनने के लिए हायर किया था।
  • इस मामले की जांच के पीछे का कारण यह है कि सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज नामक एजेंसी वाराणसी में 2017 में स्थापित हुई थी और SBI की लोकल शाखा ने 19 कर्मचारियों को कैश काउंटिंग टीम में शामिल करने के लिए जगह दी थी।
  • SIT ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जबकि SBI ने जांच में सहयोग देने की बात कही है और आरोपियों की प्राथमिक जमानत प्रक्रिया जारी है।

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जांच के दौरान पता चला है कि अब तक गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से 6 वाराणसी की एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारी थे. एजेंसी ने मंदिर में नकदी गिनने का काम करने के लिए इन लोगों को भेजा था.

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8 में से 6 लोग प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी से हायर हुए

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्राइवेट एजेंसी का नाम है सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के डेटाबेस के अनुसार, इस एजेंसी की शुरुआत दिसंबर 2017 में वाराणसी के रजिस्टर्ड एड्रेस के साथ हुई. कंपनी को 1 लाख रुपये के 'पेड अप' अमाउंट के साथ रजिस्टर्ड कराया गया था. जिस अमाउंट के साथ कंपनी शुरू की जाती है, उसको पेड-अप अमाउंट कहते है.

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सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के मालिक और डायरेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि उनकी एजेंसी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अयोध्या स्थित नया घाट ब्रांच ने कैश गिनने की प्रक्रिया के लिए हायर किया था. यह ब्रांच उन तीन बैंक ब्रांच में से एक है, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अकाउंट था. उन्होंने आगे बताया, 

SBI बैंक हमारा क्लाइंट था, ट्रस्ट से हमारा कोई लेना देना नहीं है. बैंक की सिफारिश पर हमने लोगों को हायर किया था.

बैंक ने सिक्योरिटी एजेंसी से हायर किए थे लोग

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गौरव सिंह ने बताया कि SBI ने 19 लोगों को कैश काउंटिंग टीम में शामिल करने के लिए मांगा था. इसके बाद एजेंसी ने इन लोगों को हायर करके बैंक को उपलब्ध कराया. उन्होंने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट उनका क्लाइंट नहीं है, SBI है. आम तौर पर कॉर्पोरेट ऑफिस कर्मचारियों की डिमांड करता है. लेकिन इस मामले में लोकल ब्रांच ने 19 कर्मचारियों की डिमांड की थी. गौरव ने बताया, “ब्रांच ने हमसे कहा कि 19 लोगों को अपनी टीम में शामिल करें और उनको ब्रांच को उपलब्ध कराएं. हमने ऐसा ही किया. डिमांड लोकल ब्रांच से आई थी.”

वहीं SBI ने बताया है कि इस मामले में वो पूरी तरह से एसआईटी के साथ सहयोग कर रहा है. जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से SBI ट्रस्ट को बैंकिंग सर्विस दे रहा है. लखनऊ में SBI के एक सीनियर अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आमतौर पर इस तरह की हायरिंग कॉर्पोरेट या सेंट्रलाइज्ड लेवल पर होती है. एजेंसी की वेबसाइट के मुताबिक, यह सिक्योरिटी एजेंसी 15 राज्यों में ऑपरेट करती है और इसके ग्राहकों में कई सरकारी कंपनियां हैं.

अयोध्या पुलिस ने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज रजत वर्मा के कोर्ट में जो डॉक्यूमेंट जमा किए हैं, उनके मुताबिक 8 में से 6 आरोपियों को वाराणसी स्थिति एजेंसी से वेतन मिल रहा था. राम मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य ने बताया कि राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को ट्रस्ट से वेतन मिलता था. वहीं सुभाष श्रीवास्तव जो एक बैंक कर्मचारी रहा था, वेतन नहीं लेता था. बाकी 6 लोगों को एजेंसी से वेतन मिलता था. 

एजेंसी के मालिक गौरव सिंह ने बताया कि कैश काउंटिंग टीम में शामिल सभी 19 लोगों को लगभग 20,000 रुपये प्रति महीने वेतन मिलता था. उन्होंने आगे बताया, 

मेरे पिता ने साल 2000 में सिंगल ओनर के तौर पर इसकी शुरुआत की थी. फिर यह पार्टनरशिप फर्म में बदल गई और साल 2017 में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनी. तब मैं इसका डायरेक्टर बना.

SBI पर प्रेशर बनाने वाले जांच के दायरे में

SBI ब्रांच के अधिकारियों का आरोप है कि ट्रस्ट के सदस्यों ने बैंक पर कुछ खास लोगों को काउंटिंग टीम में शामिल करने का प्रेशर बनाया था. बैंक के एक अधिकारी ने बताया, 

वे प्रभावशाली लोग थे इसलिए हम मना नहीं कर सके. अब SBI पर कुछ खास लोगों को काउंटिंग के लिए हायर करने के लिए प्रेशर डालने वाले भी जांच के दायरे में हैं. 

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SIT अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रामशंकर मिश्रा और करुणेश पांडेय शामिल हैं. तलाशी के दौरान इन 7 आरोपियों से 79.85 लाख रुपये नकदी भी बरामद हुआ है. 

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