उत्तर प्रदेश में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी में टिन्नू यादव का नाम सामने आ रहा है. अब उनकी पत्नी पूनम यादव ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए खुलकर बात की है. उनका कहना है कि लोग टिन्नू यादव के नाम पर करोड़ों की संपत्ति बता रहे हैं, लेकिन किसी के पास सबूत नहीं है जो ये आरोप साबित कर सके. उन्होंने कहा ‘मेरे पति देवता हैं. अगर उनके पास 50 करोड़ की संपत्ति होती तो क्या सुबह से रात तक मंदिर में पसीना बहाते? मेरे पति देवता हैं. उन्हें फंसाया जा रहा है, उनकी छवि को गंदा किया जा रहा है.’
'मेरे पति देवता, 50 करोड़ होते तो... ', राममंदिर के कर्मचारी टिन्नू यादव की पत्नी चोरी के आरोप पर बोलीं
Ayodhya Ram Mandir donation case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में नाम आने के बाद टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि उनके पति 32 वर्षों से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हैं. उनके ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं. हॉस्टल को लेकर हो रहे दावे पर भी उन्होंने अपनी बात रखी.


आजतक से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, पूनम यादव ने अपने पति पर लगे सभी आरोपों का जवाब दिया. टिन्नू यादव का असली नाम रामशंकर यादव है. वे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के करीबी हैं. उनकी पत्नी पूनम यादव ने बताया,
‘मेरा परिवार पिछले 15 दिन से मानसिक तनाव में है. बताया जा रहा है कि होटल है, हॉस्टल है, लक्ज़री कार हैं लेकिन आज तक किसी ने कोई सबूत पेश नहीं किए हैं. लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि सोना-चांदी ले गए हैं, ऐसा होता तो क्या मैं चुप बैठी रहती?’
इस विवाद में एक हॉस्टल का भी ज़िक्र हो रहा है. इसपर पूनम ने बताया कि जिस हॉस्टल का ज़िक्र हो रहा है वो 2008 का है. उन्होंने कहा कि 2008 में जमीन खरीदी गई थी और 2015 में हॉस्टल बनकर तैयार हो गया था. यानी राम मंदिर पर कोर्ट का अंतिम फैसला आने से भी पहले ये हॉस्टल बन चुका था.
पूनम यादव ने बताया कि उनका जीवन बहुत साधारण है. उन्होंने तर्क दिया कि अगर 50 करोड़ की संपत्ति होती तो क्या वो इतना साधारण जीवन जीतीं? सुबह 10 बजे टिन्नू घर से निकलकर रात के 11 बजे तक सेवा करते हैं. उन्होंने बताया कि टिन्नू 1990 के दशक से राम जन्मभूमि के आंदोलन से जुड़े हैं. पूनम यादव ने अपील की कि अगर जांच होनी है तो सबकी होनी चाहिए. केवल एक को निशाना बनाकर जांच नहीं होनी चाहिए. वे जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
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क्या है विवाद?विवाद तब शुरू हुआ जब 7 जून को एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की चोरी का आरोप लगाया. पोस्ट में अखिलेश ने राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाए और कोर्ट से संज्ञान लेने की अपील की. इसके बाद 10 जून को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि योगी सरकार मामले की जांच करा रही है. फिर 13 जून को अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली SIT बनाई है.
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