The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • ayodhya ram mandir trust refuses financial details bjp leader wrote letter pmo champat rai rejected

राम मंदिर चंदा विवाद: PMO ने मांगा था संपत्ति का हिसाब लेकिन चंपत राय ने नहीं दिया था कोई जवाब

Ayodhya Ram Mandir row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच चल रही है. खबर आई है कि बीजेपी नेता ने कथित गड़बड़ियों को लेकर बीजेपी नेता ने ही PMO को पत्र लिखा था, लेकिन ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने हिसाब देने से इनकार कर दिया था.

Advertisement
pic
pic
सुप्रिया
| शुभम कुमार
25 जून 2026 (पब्लिश्ड: 02:24 PM IST)
ayodhya ram mandir
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट. (फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

राम मंदिर में दान और चढ़ावे में हेरफेर और चोरी मामले में SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट योगी सरकार को सौंप दी है. इस रिपोर्ट की कई जानकारियां अभी आनी बाकी है लेकिन इससे पहले ही कई ऐसे खुलासे हो रहे है, जिसने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठा दिए हैं. इंडिया टुडे के कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने राम मंदिर ट्रस्ट से चंदे का हिसाब मांगा था.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के बीजेपी नेता रजनीश सिंह, की ओर से लिखे गए लेटर के आधार पर जवाब मांगा था. जब जिला प्रशासन ने राम मंदिर ट्रस्ट से आमदनी, खर्च, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी तो ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने जानकारी देने से इनकार कर दिया.

BJP नेता ने PMO को पत्र लिखा

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भाजपा नेता रजनीश सिंह ने दो बार पत्र लिखा था. पहला लेटर 9 जून को लिखा गया था. जिसमें उन्होंने मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की पूरी जानकारी सार्वजनिक करें. दूसरा लेटर, 12 जून को लिखा गया. इन सबके बीच 13 जून को पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन हो गया.

PMO को लिखे गए लेटर में बीजेपी के नेता ने कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की थी. इनमें 'समर्पण निधि' अभियान के जरिए इकट्ठा किए गए पैसे, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोना, चांदी और गहनों के तौर पर मिले योगदान, बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर खर्च, ऑडिट और निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं.

ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 2020 में ही मिल गए थे गड़बड़ी के सबूत, अब तक मिला 3500 करोड़ दान

चंपत राय ने नहीं दिया हिसाब

उस समय PMO ने इस लेटर का संज्ञान लिया था. जिला प्रशासन से इसकी जानकारी मांगी गई थी. जिला प्रशासन ने इस मामले को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से संपर्क किया. चंपत राय ने यह कहकर कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया कि फिलहाल SIT जांच चल रही है. जांच पैनल सभी जरूरी रिकॉर्ड और जानकारी इकट्ठा कर रहा है. इसलिए अभी मांगी गई जानकारी नहीं दी जा सकती.

सूत्रों के मुताबिक 23 जून को अयोध्या के ADM (प्रशासन) विशु राजा को लिखे एक लेटर में ADM (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने PMO की ओर से मांगी गई जानकारी के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय से संपर्क किया था. पर चंपत राय ने जानकारी देने से मना कर दिया.

चंपत राय अभी भी मंदिर का कामकाज संभाल रहे हैं. 23 जून को वो शेषावतार मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे. जिसके बाद सवाल उठ रहे है कि जांच के घेरे में होने के बावजूद वो कैसे मंदिर से जुड़े सारी जिम्मेदारी पहले की तरह निभा रहे हैं. उन्हें मंदिर के दान, चढ़ावे और अन्य जिम्मेदारियों से हटाया नहीं गया है.

वीडियो: राम मंदिर में चंदा चोरी मामले पर बोले सीएम योगी- '15 दिन में सब साफ हो जाएगा'

Advertisement

Advertisement

()